PM Modi in Papua New Guinea:पापुआ न्यू गिनी में पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ है, वहां के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत के लिए पहुंचे खास बात ये रही है कि वहीं एयरपोर्ट पर पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने PM Modi के पैर छुए, वहीं पीएम मोदी ने उनका गले लगाकर अभिवादन स्वीकार किया।
ध्यान रहे कि सामान्य तौर पर पापुआ न्यू गिनी में सूरज ढलने के बाद पहुंचने वाले मेहमानों का पारंपरिक सम्मान नहीं किया जाता है लेकिन पीएम मोदी इस मामले में अपवाद रहे और उन्हें खुद पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री रिसीव करने एयरपोर्ट आए और उन्होंने पीएम मोदी के पैर भी छुए।
प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद खास है क्योंकि पापुआ न्यू गिनी हिंद प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, बताते हैं कि यह हिंद प्रशांत महासागर की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, पीएम मोदी यहां FIPIC शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे चीन परेशान हो सकता है
ऑस्ट्रेलिया के पास पापुआ न्यू गिनी एक छोटा देश है। इसकी आबादी 1.5 करोड़ है। यह देश सोना, तांबा जैसे संसाधनों से समृद्ध है। यहां पर चीन काफी निवेश कर रखा है। इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे चीन परेशान हो सकता है। पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी में, वह सोमवार को प्रधानमंत्री जेम्स मारापे के साथ संयुक्त रूप से फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
पापुआ न्यू गिनी में बढ़ रहा है चीन का प्रभाव
चीन का प्रभाव पापुआ न्यू गिनी में बढ़ रहा है। इससे पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए सुरक्षा के लिहाज से खरतनाक है। चीन ने अपने 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' के जरिये यहां निवेश कर रखा है। पापुआ न्यू गिनी सोना, तांबा जैसे समृद्ध संसाधनों वाला देश है। इस पर चीन ने निगाह गड़ाई हुई है। चीन और पापुआ के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी हुआ है। ऐसे पीएम मोदी की पापुआ न्यू गिनी यात्रा चीन को परेशान कर सकता है।
