S Jaishankar G 20: भारत ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सैन्य समाधान कारगर नहीं होंगे और कूटनीति को मौका दिया जाना चाहिए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कर रहे हैं। जयशंकर ने X पर अपने संबोधन के प्रमुख बिंदु साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनौतियों के दौर में कूटनीति को अवसर मिलना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है और पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।
समुद्री सुरक्षा पर जताई चिंता
विदेश मंत्री ने नाविकों पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेषकर UNCLOS के दायरे में इन हमलों को रोका जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि नागरिक जहाजों और नाविकों पर हमलों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ पर पड़ रहा है, क्योंकि इससे ईंधन, भोजन और उर्वरकों की उपलब्धता और कीमतें प्रभावित हो रही हैं। गौरतलब है कि इस साल फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 22 भारतीयों की जान जा चुकी है, जिनमें 14 नाविक शामिल हैं।
औद्योगीकरण के अधिकार पर जोर
जयशंकर ने कहा कि बाजारों में सस्ते माल की बाढ़, आपूर्ति श्रृंखलाओं को हथियार बनाने, बाजार तक पहुंच सीमित करने और बाजार को विकृत करने जैसे कदमों से औद्योगीकरण के अधिकार को नकारा जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह बंद होना चाहिए।" साथ ही उन्होंने दुनिया के जोखिम घटाने और विविधीकरण की ओर बढ़ने के दौर में मजबूत और वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई।
आतंकवाद पर चेतावनी
आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने कहा कि तात्कालिक रणनीतिक गणनाओं के चलते इसके खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह अत्यधिक जोखिम भरी गतिविधि है, जो इसे पालने-पोसने वालों को भी नुकसान पहुंचा चुकी है।
रुबियो बोले-यह चुनने का क्षण
बैठक की शुरुआत करते हुए रुबियो ने कहा कि दुनिया एक 'चुनने के क्षण' से गुजर रही है, और यह बात सिर्फ अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए सच है। उन्होंने आपस में जुड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों का जिक्र किया, जो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की बुनियाद, ऊर्जा और खाद्य बाजारों, आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा हैं। बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी मौजूद थे, जो मेक्सिको और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच बैठे थे। बाद में रुबियो ने X पर लिखा कि समुद्री और खाद्य सुरक्षा ही आर्थिक सुरक्षा की धुरी हैं और अमेरिका "अमेरिका फर्स्ट" एजेंडे के तहत साझेदारों को शिपिंग मार्गों की रक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
G20 देशों के बीच वैश्विक संकटों को लेकर गहरे मतभेद की पृष्ठभूमि में हो रही यह दो दिवसीय बैठक अहम मानी जा रही है।
