ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने उनके अंतिम संस्कार को लेकर जानकारी दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई के अंतिम दर्शन, अंतिम यात्रा और सुपुर्द-ए-खाक करने से जुड़े कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज होते दिखाई दे रहे हैं।
ये है पूरा कार्यक्रम
ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) के मुताबिक, अंतिम यात्रा की शुरुआत राजधानी तेहरान से होगी। इसके बाद जुलूस क़ोम और फिर मशहद पहुंचेगा। खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसे शिया समुदाय के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। गौरतलब है कि फरवरी में हुए हमले में मारे गए उनकी बेटी और दामाद के अंतिम संस्कार भी इसी दौरान आयोजित किए जाएंगे।
अमेरिका-इजरायल के हमलों में हुई थी खामेनेई की मौत
अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत फरवरी के अंत में ईरान पर हुए इजराइल और अमेरिका के सैन्य हमलों के शुरुआती चरण में हुई थी। उनके निधन के बाद उनके बेटे मोज्तबा अली खामेनेई ने देश के सर्वोच्च नेता का पद संभाला। उन्हें अपने पिता की तुलना में अधिक कठोर रुख वाला नेता माना जाता है।
अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद संभाली थी ईरान की सत्ता
साल 1989 में अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी (Ayatollah Ruhollah Khomeini) के निधन के बाद खामेनेई ने ईरान की सत्ता संभाली थी। करीब चार दशकों तक उन्होंने ईरान की राजनीति और नीतियों को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का प्रभाव काफी बढ़ा और वह देश की सैन्य, रणनीतिक तथा आर्थिक व्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बन गया।
ईरान-अमेरिका के बीच समझौते के भी संकेत
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संकेत दिया है कि ईरान से जुड़े क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शांति समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं की गई है।
