'हम किसी भी उल्लंघन को नहीं करेंगे बर्दाश्त', फ्रांस की नौसना ने रूस से आ रहे तेल टैंकर को भूमध्य सागर में रोका
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 22, 2026, 10:04 PM IST
फ्रांस की नौसेना ने ब्रिटेन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को भूमध्य सागर में रूस से आ रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित रूसी गुप्त बेड़े को निशाना बनाने के उद्देश्य से की गई। भूमध्य सागर में तैनात फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा कि ग्रिंच नामक जहाज पर फर्जी झंडा लगाकर संचालन करने का संदेह है।
फ्रांसीसी नौसेना ने रूस से आ रहे तेल टैंकर को रोका
फ्रांस की नौसेना ने ब्रिटेन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को भूमध्य सागर में रूस से आ रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित रूसी गुप्त बेड़े को निशाना बनाने के उद्देश्य से की गई। भूमध्य सागर में तैनात फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा कि ग्रिंच नामक जहाज पर फर्जी झंडा लगाकर संचालन करने का संदेह है। बयान में कहा गया है कि फ्रांसीसी नौसेना आगे की जांच के लिए टैंकर को बंदरगाह तक ले जा रही है।
मैक्रों का सख्त संदेश
इस मामले को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की टिप्पणी भी सामने आई। उन्होंने कहा, ''हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने और प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैक्रों ने पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की जिसमें एक फ्रांसीसी हेलीकॉप्टर को जहाज के ऊपर उड़ते हुए देखा जा सकता है।
मैक्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''हम किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज सुबह, फ्रांसीसी नौसेना ने रूस से आ रहे एक तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के तहत था और जिस पर फर्जी झंडा फहराने का संदेह था। यह ऑपरेशन भूमध्य सागर में हमारे कई सहयोगियों के समर्थन से किया गया। यह संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून कन्वेंशन का सख्ती से पालन करते हुए किया गया।''
उन्होंने कहा कि एक न्यायिक जांच शुरू की गई है। जहाज का रूट बदला गया है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने और प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 'शैडो फ्लीट' की गतिविधियां यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक युद्ध को फाइनेंस करने में योगदान देती हैं।
जहाज का क्रू है भारतीय
फ्रांसीसी सैन्य अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस मिशन को ब्रिटेन के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है, जिसने खुफिया जानकारी एकत्रित की और उसे साझा किया, जिससे जहाज को रोका जा सका। अधिकारियों ने बताया कि जहाज कोमोरोस द्वीपों के फर्जी झंडे के साथ आगे बढ़ रहा था, जो पूर्वी अफ्रीका के पास है और इसका क्रू भारतीय है।