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प्रधानमंत्री आवास योजना में घर पाने के लिए कितनी होनी चाहिए इनकम?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सस्ता घर या होम लोन सब्सिडी पाने के लिए सरकार ने आय की श्रेणियां तय की हैं। EWS, LIG और MIG कैटेगरी के अनुसार आपकी सालाना कमाई कितनी होनी चाहिए।

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प्रधानमंत्री आवास योजना में घर पाने के लिए कितनी होनी चाहिए इनकम?

अपना खुद का पक्का मकान होना हर भारतीय का सपना होता है। इस सपने को पूरा करने और देश के निम्न व मध्यम आय वर्ग के परिवारों को किफायती घर मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) चलाती है। हालांकि, कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति या उसके परिवार की महीने या साल की कमाई कितनी होनी चाहिए। सरकार ने लाभार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय (Annual Household Income) के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां बनाई हैं, ताकि सही और जरूरतमंद व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।

तीन भागों में बटां है PMAY

PMAY नियमों के तहत आवेदकों को मुख्य रूप से तीन आय समूहों में बांटा गया है: EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (निम्न आय वर्ग) और MIG (मध्यम आय वर्ग)। यदि आपकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक (यानी लगभग 25,000 रुपये महीना) है, तो आप EWS श्रेणी में आते हैं। वहीं, 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक (लगभग 50,000 रुपये महीना) की आय वाले परिवार LIG श्रेणी के पात्र होते हैं। PMAY-U 2.0 की ब्याज सब्सिडी योजना के तहत 6 लाख रुपये से 9 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को मध्यम आय वर्ग (MIG) के अंतर्गत शामिल किया गया है।

अगर पात्रता की बात करें तो केवल सैलरी या कमाई ही एकमात्र पैमाना नहीं है। इसके लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। सबसे प्रमुख शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) के नाम पर देश में कहीं भी पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, आवेदक या उसके परिवार ने पहले कभी केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य हाउसिंग सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो। EWS और LIG श्रेणियों में सरकारी नियम के तहत घर की मलकियत में परिवार की महिला का नाम (या संयुक्त स्वामित्व) होना अनिवार्य माना जाता है।

2 तरीकों से मिलती है राहत

इस योजना के तहत लाभार्थियों को दो तरीकों से राहत मिलती है पहला, सीधे पक्का मकान बनाने या खरीदने के लिए वित्तीय सहायता (जैसे BLC और AHP घटक), और दूसरा, होम लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (CLSS / ISS) के जरिए ब्याज दरों में छूट। जब आप होम लोन लेते हैं, तो सरकार सब्सिडी की रकम सीधे आपके बैंक लोन खाते में ट्रांसफर कर देती है, जिससे आपकी हर महीने की EMI का बोझ काफी कम हो जाता है।

आवेदन करने के लिए आय प्रमाण पत्र (Income Certificate / Salary Slip / Form 16), आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पक्का मकान न होने का स्व-घोषणा पत्र अनिवार्य होता है। योग्य उम्मीदवार योजना की आधिकारिक वेबसाइट (pmaymis.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन या अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। यदि आपकी आय तय सीमा के भीतर है और आपके पास पक्का मकान नहीं है, तो आप भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों का घर बना सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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