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फिनलैंड में सना मारिन को झटका, पार्टी को चुनाव में मिली हार, इस नेता ने लहराया परचम

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 3, 2023, 01:41 PM IST

पेटेरी ओरपो की राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले, यानी बहुत जल्द देश को नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा। 37 साल की मारिन करीबी मुकाबले में हार गईं।

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फिनलैंड में सना मारिन को झटका

Photo : ANI

Sana Marin Defeated in Election: फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन (Sanna Marin) की पार्टी को चुनावों में हार मिली है। मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी पार्टी द्वारा देश की आर्थिक समस्याओं को मुद्दा बनाने के बाद कांटे के संसदीय चुनाव में सना मारिन की पार्टी हार गई। 53 वर्षीय पेटेरी ओरपो के नेतृत्व वाली मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी नेशनल कोएलिशन पार्टी को सबसे अधिक वोट मिले। सना मारिन की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी तीसरे नंबर पर रही। दूसरे नंबर पर दक्षिणपंथी फिन्स पार्टी रही और चौथे नंबर पर सोशल डेमोक्रेट्स रही।

कोई भी पार्टी अकेले दम पर सरकार गठन की स्थिति में नहीं

तीनों पार्टियों के 20 प्रतिशत के करीब वोट मिलने से कोई पार्टी अकेले दम पर सरकार गठन की स्थिति में नहीं है। देश के संसदीय चुनाव में 200 सीटों पर 22 दलों से 2,400 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। पार्टी के निर्वाचित नेता पेटेरी ओरपो ने राजधानी हेलसिंकी में मौजूद अपने समर्थकों से कहा kf इस नतीजे के आधार पर फिनलैंड में नयी सरकार के गठन को लेकर नेशनल कोलिशन पार्टी के नेतृत्व में बातचीत शुरू की जाएगी।

यूक्रेन का मुखरता से समर्थन करने और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति साउली निनिस्तो के साथ मिलकर फिनलैंड के आवेदन का सफलतापूर्वक वकालत करने को लेकर यूरोप की सबसे कम उम्र की नेताओं में से एक मारिन (37) की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हुई है। फिनलैंड के पूर्व वित्त मंत्री और संभावित नए प्रधानमंत्री 53 वर्षीय ओरपो ने आश्वासन दिया कि कीव के साथ देश की एकजुटता उनके कार्यकाल के दौरान मजबूत रहेगी।

राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी को सबसे अधिक वोट

पेटेरी ओरपो की राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी (National Coalition Party) को सबसे ज्यादा वोट मिले, यानी बहुत जल्द देश को नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा। 37 साल की मारिन करीबी मुकाबले में हार गईं। सना मारिन की लोकप्रियता के बावजूद चुनाव में अर्थव्यवस्था एक बड़ा मुद्दा रहा और ओरपो यह तर्क देने में सफल रहे कि सार्वजनिक खर्च कम किया जाना चाहिए और फिनलैंड का कर्ज बहुत अधिक है। इस बीच कट्टरपंथी दक्षिणपंथी फिन्स पार्टी को सात नए सांसद मिले और उसने 20 प्रतिशत वोट हासिल किए।

Finland Election Petteri Orpo

पेटेरी ओर्पो

सना मारिन की पार्टी तीसरे नंबर पर

राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी 20.7 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रही। इसके बाद दक्षिणपंथी लोकलुभावन पार्टी द फिन्स ने 20.1 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि मारिन की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने 19.9 प्रतिशत वोट हासिल किए। केंद्र पार्टी, वाम गठबंधन और ग्रीन्स सभी को मौजूदा पांच-पार्टियों के गठबंधन में उनकी भागीदारी के बाद बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा, तीनों दलों के नेताओं ने कहा कि इन चुनाव परिणामों के बाद उनके लिए सरकार बनाना मुश्किल होगा।

खर्च पर अंकुश लगाने का वादा

राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी ने चुनाव में खर्च पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक कर्ज को बढ़ने से रोकने का वादा किया है जो अल जजीरा के अनुसार, मारिन के 2019 में पदभार ग्रहण करने के बाद से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 70 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गया है। सना मारिन 34 वर्ष की उम्र में फिनलैंड की अब तक की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी थीं और देश की सबसे कम उम्र की नेता थीं।

वह 2019 से फिनलैंड की प्रधानमंत्री बनीं और 2015 से संसद सदस्य हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न एक प्रमुख महिला प्रधानमंत्री थीं, जो अपने पद से हट गईं। न्यूजीलैंड के नए नेता के रूप में क्रिस हिपकिंस ने उनका स्थान लिया है। अब फिनलैंड को भी महिला पीएम की जगह नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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