Harpreet Singh: अमेरिका ने अब भारत के उन दुश्मनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो यहां हमला करके, अमेरिका में छिपे हैं, खासकर खालिस्तानी आतंकी। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल ने साफ कर दिया है कि हिंसा करने वालों को एफबीआई नहीं छोड़ेगी, भले ही वो कहीं भी छिपे हों। एफबीआई द्वारा भारत के वांटेड आतंकी हरप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद काश पटेल ने यह बयान दिया है।
न्याय किया जाएगा- काश पटेल
अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर FBI डायरेक्टर काश पटेल ने लिखा- "गिरफ्तार: हरप्रीत सिंह, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे एक कथित विदेशी आतंकवादी गिरोह का हिस्सा है, जिसके बारे में हमारा मानना है कि वह भारत और अमेरिका दोनों में पुलिस स्टेशनों पर कई हमलों की योजना बनाने में शामिल था। संघीय जांच ब्यूरो का सैक्रामेंटो क्षेत्रीय कार्यालय ने स्थानीय और भारत में अपने भागीदारों के साथ समन्वय करके जांच की। सभी ने बेहतरीन काम किया है और न्याय किया जाएगा। FBI हिंसा करने वालों को ढूंढना जारी रखेगी - चाहे वे कहीं भी हों।"
हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया उर्फ जोरा
पंजाब में कई आतंकी हमलों के सिलसिले में वांछित हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया उर्फ जोरा को 18 अप्रैल को अमेरिका में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के सैक्रामेंटो स्थित प्रवर्तन और निष्कासन अभियान द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उस पर पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी समूह बीकेआई के साथ सहयोग करने का आरोप है।
अमृतसर का रहने वाला है हरप्रीत सिंह
जनवरी में, भारतीय एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गैंगस्टर हरप्रीत पर 5 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। वह चंडीगढ़ में एक घर पर हथगोले से हमले के मामले में वांछित है। वह पंजाब के अमृतसर में अजनाला तहसील का मूल निवासी है। सिंह चंडीगढ़ के सेक्टर 10/डी स्थित एक घर पर किए गए हैंड ग्रेनेड हमले के सिलसिले में 1 अक्टूबर 2024 को दर्ज मामले में फरार है।
