FBI India Call Centre Scam: संयुक्त राज्य अमेरिका के न्याय विभाग FBI ने भारत से संचालित एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बंद कराया है। आरोप है कि यह नेटवर्क अमेरिका के बुजुर्ग नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों डॉलर की ठगी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉल सेंटर से जुड़े लोग खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों, बैंक अधिकारियों या तकनीकी सहायता टीम का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे।
खासतौर पर बुजुर्गों को डराया जाता था कि उनके बैंक खाते, टैक्स रिकॉर्ड या सोशल सिक्योरिटी नंबर खतरे में हैं। इसके बाद उन्हें पैसे ट्रांसफर करने या संदिग्ध खातों में रकम जमा कराने के लिए मजबूर किया जाता था।
किन लोगों को बनाया जाता था निशाना
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क ने अमेरिका में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिकों को करोड़ों डॉलर का नुकसान पहुंचाया। कई मामलों में पीड़ितों ने अपनी जीवनभर की बचत तक गंवा दी। FBI का कहना है कि ठग खास तौर पर ऐसे बुजुर्गों को चुनते थे जो तकनीकी जानकारी कम रखते थे या अकेले रहते थे।
बताया गया है कि भारतीय एजेंसियों के सहयोग से इस कॉल सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच में डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डेटा और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के साइबर फ्रॉड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध का रूप ले चुके हैं। कई गिरोह अलग-अलग देशों में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
FBI ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें, खासकर जब कोई व्यक्ति खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांग रहा हो। एजेंसी ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
अमेरिकी बिजनेस एग्जीक्यूटिव हुए गिरफ्तार
दो अमेरिकी बिजनेस एग्जीक्यूटिव ने फेडरल कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने टेलीकम्युनिकेशन का जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसकी मदद से भारत में मौजूद कॉल सेंटर कमजोर अमेरिकी नागरिकों, खास तौर पर बुज़ुर्गों को धोखा दे पाते थे।
फ्लोरिडा के मियामी के रहने वाले 42 वर्षीय एडम यंग और नेवादा के लास वेगास के रहने वाले 33 वर्षीय हैरिसन गेविर्ट्ज, दोनों ने रोड आइलैंड डिस्ट्रिक्ट की US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक गंभीर अपराध की जानकारी छिपाने (misprision of a felony) का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इन दोनों को 16 जून, 2026 को सजा सुनाई जाएगी। यह एक्शन FBI बोस्टन की एक जांच के बाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप उनकी कॉल रूटिंग कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी और भारत स्थित पांच टेलीमार्केटिंग जालसाजों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें दोषी ठहराया गया।
