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जॉन बोल्टन को चुकानी पड़ी भारत के पक्ष में बोलने की कीमत, घर-दफ्तार पर FBI का छापा, टैरिफ पर ट्रंप को है घेरा

एफबीआई ने शुक्रवार सुबह उनके घर पर छापा मारा। बोल्टन ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार हैं और जुर्माने के तौर पर भारत पर लगाए गए टैरिफ का उन्होंने विरोध किया है। भारत के साथ 'खराब' हो रहे संबंधों को लेकर उन्होंने ट्रंप प्रशासन की आलोचना भी की है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार हैं जॉन बोल्टन। तस्वीर-AP

Photo : AP

John Bolton : भारत पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफत और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना जॉन बोल्टन पर भारी पड़ा है। एफबीआई ने शुक्रवार सुबह उनके घर पर छापा मारा। बोल्टन ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार हैं और जुर्माने के तौर पर भारत पर लगाए गए टैरिफ का उन्होंने विरोध किया है। भारत के साथ 'खराब' हो रहे संबंधों को लेकर उन्होंने ट्रंप प्रशासन की आलोचना भी की है।

काश पटेल के निर्देश पर कार्रवाई

रिपोर्टों के मुताबिक बोल्टन के दफ्तर पर भी छापेमारी हुई है। जांच एजेंसी के अधिकारी सुबह सबेरे 7 बजे के करीब बोल्टन के मैरीलैंड स्थित बेथेस्डा स्थित घर पहुंचे और छापे की कार्रवाई शुरू कर दी। यह छापेमारी एफबीआई के भारतीय मूल के डायरेक्टर काश पटेल के सीधे निर्देश पर की गई। छापेमारी के कुछ देर बाद ही काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- कोई भी कानून से ऊपर नहीं है... एफबीआई एजेंट अपने मिशन पर हैं।

नोबेल पुरस्कार के लिए ये सब कर रहे ट्रंप-बोल्टन

बोल्टन ने हाल में ही ट्रंप के भारत पर लगाए गए टैरिफ की आलोचना की है। उन्होंने कहा था कि ट्रंप का पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को अचानक खुश करना और भारत के खिलाफ टैरिफ संबंधी उनकी तीखी टिप्पणी का 'रणनीतिक बदलाव' से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों में बदलाव नोबेल शांति पुरस्कार जीतने की ट्रंप की महत्वाकांक्षा से जुड़ा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां लीक करने का आरोप

छापे की यह कार्रवाई बोल्टन की 2020 में आई किताब से जुड़ी है। बताया जाता है कि किताब में ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान की कई गोपनीय बातें लिखी गई हैं। ट्रंप ने इसकी रिलीज रोकने की भी कोशिश की थी, लेकिन किताब छप गई थी। सितंबर 2020 में ट्रंप सरकार के न्याय विभाग ने इस किताब को लेकर जांच शुरू की थी। अब इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एफबीआई ने छापेमारी की है। बोल्टन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक कर दी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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