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'ऊर्जा जब महंगी होती है तो पूरे समाज पर पड़ता है इसका व्यापक प्रभाव', हिंद महासागर सम्मेलन में बोले जयशंकर

West Asia Conflict: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिंद महासागर सम्मेलन में अपने संबोधन में संघर्ष के आर्थिक प्रभाव, विशेष रूप से ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर (फोटो साभार: @DrSJaishankar)

Photo : Twitter

West Asia Conflict: भारत ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में शांति की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संकट को ''चिंताजनक'' बताया और नागरिकों, बुनियादी ढांचे और वैश्विक व्यापार मार्गों को निशाना बनाने के खिलाफ भारत के अडिग रुख को रेखांकित किया। जयशंकर ने हिंद महासागर सम्मेलन में अपने संबोधन में संघर्ष के आर्थिक प्रभाव, विशेष रूप से ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

विदेश मंत्री की यह टिप्पणियां उस पृष्ठभूमि में आई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है, खासकर लेबनान पर इजराइली हमलों के बाद। उन्होंने कहा, ''हम सभी इस संघर्ष को लेकर बेहद चिंतित हैं और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल होते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''हम नागरिकों, बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने का कड़ा विरोध करते हैं।''

क्या कुछ बोले जयशंकर?

उन्होंने हिंद महासागर के कई देशों के विदेश मंत्रियों की मौजूदगी में कहा, ''यह आवश्यक है कि नौवहन सुरक्षित और निर्बाध बना रहे। यहां प्रासंगिक बात यह है कि हम सभी ने इस संघर्ष के आर्थिक प्रभाव को बहुत गहराई से महसूस किया है।'' जयशंकर ने कहा, ''जब ऊर्जा महंगी होती है, तो इसका पूरे समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।''

होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन में व्यवधान को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं। ईरान ने अपने मित्र देशों के जहाजों को जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। जयशंकर ने कहा कि जब व्यापार प्रतिबंधित होता है, तो इसका प्रभाव व्यवसाय के अलावा कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा, ''जब उर्वरकों की उपलब्धता मुश्किल हो जाती है, तो इसका खाद्य सुरक्षा पर असर साफ दिखाई देता है। लेकिन कुछ मूलभूत मुद्दे भी हैं, जिन पर हमें ध्यान देना होगा, क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ऐसे हालात फिर से नहीं बनेंगे।"

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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