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60-70 फीट ऊंची काली सुनामी, बस से कूदे, बकरी के बाड़े में बिताई रात...भारतीय मूल के दंपति ने नेपाल बाढ़ में कैसे बचाई जान?

दंपत्ति ने बताया कि जैसे ही वे पहाड़ी पर करीब 10 फीट ऊपर चढ़े, उन्होंने देखा कि नीचे मौजूद पुलिस बेस कैंप और वहां मौजूद लोग पलक झपकते ही बाढ़ के सैलाब में समा गए।

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नेपाल बाढ़ का भयानक मंजर

Photo : PTI

Nepal Flash Flood: अमरीका के सैन फ्रांसिस्को (बे एरिया) में रहने वाले भारतीय मूल के दंपत्ति अंजना राजा और पट्टाभिरामन वेंकटेशन तिब्बत की अपनी पहली धार्मिक यात्रा (मानसरोवर/तिब्बत तीर्थयात्रा) पर निकले थे। लेकिन नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवा जिले के तिमुरे गांव में उनके सामने मौत का ऐसा तांडव आया, जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल सकते। 26 अगस्त को आए भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन) के बीच इस दंपत्ति ने बस से कूदकर और कुछ ही सेकंड में पहाड़ी की ओर 500 सीढ़ियां चढ़कर अपनी जान बचाई।

60-70 फीट ऊंची काली लहर

सीबीएस न्यूज को आपबीती सुनाते हुए पट्टाभिरामन वेंकटेशन ने बताया कि वे टूर बस में सवार थे, तभी अचानक पहाड़ों से पानी, कीचड़ और मलबे का भीषण सैलाब नीचे की ओर आने लगा। वेंकटेशन ने कहा, वह किसी काली सुनामी जैसा दिख रहा था, जो करीब 60 से 70 फीट ऊंची थी। शुरुआत में हमें समझ ही नहीं आया कि भूकंप आया है या हिमस्खलन। मुझे लगा जैसे जंगल में आग लग गई हो। वहीं अंजना राजा ने बताया कि मलबे का वह विशाल गुबार उनकी बस से महज 50 फीट की दूरी पर था।

"मुझे पता था मैं मरने वाली हूं"

अंजना राजा ने भयानक मंजर को याद करते हुए कहा, मैंने अपनी आंखों के सामने मौत देखी। मुझे पूरा यकीन हो गया था कि आज मैं नहीं बचूंगी। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी, मैंने अपने पति का कॉलर पकड़ा और कहा—भागो! बस का ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य कर्मचारी पहले ही कूदकर भाग चुके थे। दरवाजा खुला देखकर अंजना और उनके पति भी तुरंत बाहर कूदे और ऊपर पहाड़ी की ओर दौड़ पड़े। अंजना ने कहा, पूरे रास्ते मैंने अपने पति का हाथ और कॉलर मजबूती से पकड़े रखा। मैं किसी भी कीमत पर उन्हें खोना नहीं चाहती थी।

आंखों के सामने बह गया पुलिस बेस कैंप

दंपत्ति ने बताया कि जैसे ही वे पहाड़ी पर करीब 10 फीट ऊपर चढ़े, उन्होंने देखा कि नीचे मौजूद पुलिस बेस कैंप और वहां मौजूद लोग पलक झपकते ही बाढ़ के सैलाब में समा गए। अंजना ने बताया, मेरी आंखों के सामने पुलिस कैंप की छत और सब कुछ पानी में बह गया। आसपास मकान ढह रहे थे और लोग चीखते-चिल्लाते हुए पानी के तेज बहाव में बहते जा रहे थे।

बकरी के बाड़े में बिताई खौफनाक रात

खतरनाक, संकरे और फिसलन भरे कीचड़-पत्थरों वाले रास्ते से चढ़ते हुए एक स्थानीय गाइड की मदद से वे पहाड़ की चोटी पर एक समतल जगह पर पहुंचे। वहां उन्होंने अन्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ एक बकरी के बाड़े में पूरी रात बिताई। अगले दिन रेस्क्यू टीम ने हेलिकॉप्टर के जरिए उन्हें सुरक्षित निकाला। राहत की बात यह रही कि उनकी टूर बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे। पट्टाभिरामन ने इसे "भगवान शिव का चमत्कार" बताया है।

नेपाल में 600 से अधिक मौतें

26 अगस्त को तिब्बत सीमा के पास आए इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही मचाई है। आपदा में अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 517 विदेशी नागरिकों समेत 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, करीब 90 अमेरिकी नागरिक भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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