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अमेरिकी चुनाव में एलन मस्क ने झोंका पैसा, हर दिन 36 लाख डॉलर का दान; अब तक दिए 445 मिलियन डॉलर

अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक चंदे का आंकड़ा 16 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। संघीय चुनाव आयोग (FEC) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के चुनावी अभियान में अब तक इतनी बड़ी रकम जुटाई जा चुकी है।

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एलन मस्क।

Photo : AP

US Midterm Elections 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले एलन मस्क राजनीतिक चंदा देने के मामले में सबसे ऊपर हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क अब तक 445 मिलियन डॉलर यानी करीब 3,900 करोड़ रुपये से अधिक का दान दे चुके हैं। जुलाई से अब तक उनका खर्च औसतन 36 लाख डॉलर प्रतिदिन रहा है। इस रकम का बड़ा हिस्सा रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में काम कर रही राजनीतिक समितियों को मिला है।

अमेरिकी चुनाव में 16 अरब डॉलर से ज्यादा का फंड जुटा

अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक चंदे का आंकड़ा 16 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। संघीय चुनाव आयोग (FEC) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के चुनावी अभियान में अब तक इतनी बड़ी रकम जुटाई जा चुकी है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क इस रकम में सबसे बड़े व्यक्तिगत योगदानकर्ताओं में शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने अब तक करीब 445 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है। इसमें से 355 मिलियन डॉलर उन्होंने जुलाई के बाद खर्च किए हैं। इस हिसाब से उनका औसत योगदान प्रतिदिन करीब 36 लाख डॉलर बैठता है। यह रकम राजनीतिक कार्रवाई समितियों (PACs) के जरिए दी गई है।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 14 अक्टूबर तक रिपब्लिकन पार्टी 2.1 अरब डॉलर जुटा चुकी थी।

रिपब्लिकन की मदद के लिए मस्क ने खोला खजाना

मस्क का यह खर्च ऐसे समय में सामने आया है, जब रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपना बहुमत बचाने की कोशिश कर रही है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,मस्क की फंडिंग से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनावी मुकाबले में मदद मिल सकती है। हालांकि,इसका वास्तविक असर चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सीएनएन के मुताबिक, मस्क की ओर से खर्च की गई रकम जॉर्ज सोरोस और माइकल ब्लूमबर्ग जैसे बड़े दानदाताओं के खर्च से भी अधिक है। ये दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी और राजनीतिक वामपंथ से जुड़े अभियानों को आर्थिक मदद देते रहे हैं।

सीनेट और प्रतिनिधि सभा के चुनावों में कितना पैसा लगा रहे मस्क?

वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए सीनेट लीडरशिप फंड को कुल 158 मिलियन डॉलर दिए हैं। यह एक प्रमुख सुपर पीएसी है, जो सीनेट चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करती है। इसके अलावा, मस्क ने 2024 में गठित अपने सुपर पीएसी अमेरिका पीएसी को 74 मिलियन डॉलर दिए हैं। यह संगठन सीनेट के सात अहम चुनावी मुकाबलों और प्रतिनिधि सभा की करीब तीन दर्जन सीटों पर सक्रिय है।

सुपर पीएसी ऐसी राजनीतिक समिति होती है, जो कंपनियों, यूनियनों और व्यक्तियों से असीमित धन जुटा सकती है और खर्च कर सकती है। हालांकि, उसे उम्मीदवारों के चुनावी अभियानों के साथ सीधे समन्वय किए बिना स्वतंत्र रूप से खर्च करना होता है।

ट्रंप की वापसी के लिए भी मस्क ने खर्च किए थे करोड़ों डॉलर

अमेरिकी चुनावों में मस्क की आर्थिक भूमिका नई नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के चुनावी चक्र में उन्होंने 366 मिलियन डॉलर का योगदान दिया था। वहीं, 2024 में डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी में मदद के लिए उन्होंने करीब 290 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। इस बार भी मस्क की भारी फंडिंग को रिपब्लिकन पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव में धन का प्रभाव कितना पड़ेगा, यह मतदाताओं के फैसले और नतीजों से ही तय होगा।

तीन नवंबर को होगा मध्यावधि चुनाव

अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होगा। इन चुनावों से तय होगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का कितना प्रभाव रहेगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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