जब भी लगता है कि टी20 क्रिकेट अपने टॉप पर है तब अभिषेक और वैभव जैसे खिलाड़ी ये बताते हैं कि इसमें अब भी बहुत संभावनाएं हैं। न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में भी ऐसा ही कुछ हुआ जिसने क्रिकेट पंडितों को इस फॉर्मेट में आए बदलाव पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया। वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत ने 199 रन का पीछा करते हुए पहले 14 गेंद में 50 और फिर 30 गेंद में 100 रन बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। अभिषेक शर्मा ने 38 गेंद में 113 तो वैभव ने 19 गेंद में 45 रन की पारी खेली। इन दोनों की पारी ने दुनिया भर के गेंदबाजों की नींद हराम कर दी।
पारी देखकर पाक क्रिकेटर के उड़े होश
वैभव और अभिषेक की पारी को देखने के बाद इस फॉर्मेट को लेकर लोगों की राय बदलने में देर नहीं लगी। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने तो अपनी टीम को एक बड़ी सलाह दे डाली। यूसुफ की मानें तो टी20 क्रिकेट के ग्रोथ को देखते हुए पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को सीख लेनी चाहिए और 30 से ज्यादा उम्र के खिलाड़ी को इस फॉर्मेट में कंसीडर नहीं करना चाहिए।
वास्तविकता स्वीकार करे पाकिस्तान
मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम को वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए। पाकिस्तान को युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देकर मॉडर्न क्रिकेट की असलियत के हिसाब से ढलना होगा, साथ ही टेस्ट क्रिकेट, फर्स्ट-क्लास कॉम्पिटिशन और दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग में सीनियर क्रिकेटरों का इस्तेमाल करना होगा।
खेल में हीरो का होना अनिवार्य
मोहम्मद यूसुफ यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि टीम को हीरो बनाने पर जोर देना चाहिए जो फैंस को अपनी और आकर्षित करें, युवाओं को प्रेरित करें और बतौर मेंटॉर अपनी भूमिका निभा सकें। इसके लिए उन्होंने स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे खिलाड़ियों से सीख लेनी की बात कही, जो लगातार अपने अनुभव का फायदा युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं।
क्यों आया यूसुफ का यह सुझाव
मोहम्मद यूसुफ का यह सुझाव इसलिए भी आया क्योंकि एक ही दिन दो अलग-अलग टीम, दो एक दम अलग तरह की क्रिकेट खेलते नजर आई। भारत ने जहां 199 रन का लक्ष्य 13.2 ओवर में हासिल किया तो वहीं लाहौर में एक वनडे मैच में पाकिस्तान की टीम 110 रन बनाकर ढेर हो गई और श्रीलंका ने आसानी से मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया। हम अक्सर भारत-पाकिस्तान राइवलरी की बात करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय टीम जहां क्रिकेट के अर्श पर है तो वहीं पाकिस्तान की टीम फर्श पर है और सुधार की गुंजाइश भी नजर नहीं आती।
