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इजरायल में आज होगी वोटिंग, पीएम नेतन्याहू सत्ता में बने रहने की करेंगे कोशिश...जानिए पूरी प्रक्रिया

Benjamin Netanyahu Knesset: इजरायल में 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) के लिए चुनाव हो रहे हैं। पीएम नेतन्याहू के सामने सत्ता बचाने और विपक्ष के सामने बहुमत साबित करने की कड़ी चुनौती है।

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इजराइल में आज होंगे संसदीय चुनाव, पीएम नेतन्याहू सत्ता में बने रहने की करेंगे कोशिश

Israel Elections October 2026: इजरायल में आज संसदीय चुनाव होंगे, जिनमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता में बने रहने की कोशिश करेंगे। चुनाव में सात अक्टूबर 2023 को हमास के हमले, उसके बाद हुए युद्धों और सरकार की घरेलू एवं विदेश नीतियों से निपटने के तरीके पर बहस के बीच नेतन्याहू के नेतृत्व की परीक्षा होगी। इस चुनाव को नेतन्याहू के नेतृत्व की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट और पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट समेत विपक्षी नेता उनके दक्षिणपंथी गठबंधन को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार, किसी भी खेमे को सरकार बनाने के लिए जरूरी संसदीय बहुमत मिलने का भरोसा नहीं है।

इजरायल का आकार पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम राज्य के लगभग बराबर है। वहां आनुपातिक प्रतिनिधित्व की राष्ट्रव्यापी चुनाव प्रणाली लागू है। पूरे देश को एक ही निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है, जहां से संसद यानी नेसेट के 120 सदस्य चुने जाते हैं। मतदाता संसद के सदस्यों का सीधे चुनाव नहीं करते, बल्कि राजनीतिक दलों की बंद सूची के पक्ष में मतदान करते हैं। इस व्यवस्था के तहत कई राजनीतिक दल विधायिका में सीट हासिल करने के लिए चुनाव लड़ सकते हैं।

चार साल का होता है नेसेट का कार्यकाल

देश की संसद नेसेट में प्रवेश के लिए किसी दल को कम से कम 3.25 प्रतिशत मत हासिल करना जरूरी है। इस शर्त के कारण अक्सर चुनाव से पहले गठबंधन और दलों का विलय होता है। नेसेट का कार्यकाल चार साल का होता है। हालांकि, यदि संसद स्वयं को भंग करने के पक्ष में मतदान करती है, निर्धारित अवधि में राज्य के बजट को मंजूरी देने में विफल रहती है या नई सरकार का गठन नहीं हो पाता, तो समय से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं।

सबसे अधिक सीट जीतने वाले दल को अपने आप सरकार बनाने का मौका नहीं मिलता। चुनाव के बाद राष्ट्रपति राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करते हैं और सरकार बनाने के लिए किसी सांसद को नामित करते हैं। सरकार बनाने के लिए उस उम्मीदवार को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन हासिल करना होता है।

दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेता नेतन्याहू 1996 से तीन अलग-अलग अवधियों में लगभग 19 साल तक इजरायल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह सात अक्टूबर के हमले और उसके बाद शुरू हुए कई सैन्य अभियानों से प्रभावित दौर के बाद एक बार फिर सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं। यह हमला तीन साल पहले हुआ था।

वर्ष 2023 में हमास के नेतृत्व में हुए हमले में इजराइल में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे। इसके बाद गाजा में युद्ध शुरू हुआ, जो आगे चलकर इजरायल, ईरान और अन्य सशस्त्र समूहों के बीच व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल गया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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