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निलंबित महासचिव द्वारा बुलाई गई 'BFI' की बैठक पर अदालत ने लगाई रोक

अदालत ने यह आदेश महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एजेंडे से हटाया, राज्य इकाइयों की बैठक बुधवार को होगी।

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भारतीय बॉक्सिंग संघ (साभार-x)

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के निलंबित महासचिव प्रमोद कुमार को बुधवार को प्रस्तावित आम सभा की बैठक को मामले की अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने यह आदेश महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी। यह आदेश ऐसे समय आया है, जब विश्व मुक्केबाजी ने 23 अक्टूबर को ईमेल के जरिए स्पष्ट किया था कि किसी भी राष्ट्रीय महासंघ की आम सभा की बैठक संबंधित भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के लागू संविधान के प्रावधानों के अनुरूप ही बुलाई और संचालित की जानी चाहिए।

बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एजेंडे से हटाया, राज्य इकाइयों की बैठक बुधवार को होगी। कुमार ने कहा कि सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को एजेंडे से हटा दिया गया है, लेकिन राज्य इकाइयों की बैठक बुधवार को होगी। करीब 28 राज्य इकाइयों के प्रतिनिधि बैठक के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने अजय सिंह की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक आम सभा की बैठक स्थगित रखी जाए। सिंह ने आठ अक्टूबर को जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और इस उद्देश्य से महासंघ की आम सभा बुलाने की बात कही गई थी।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ’’दूसरे प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि वह अगली सुनवाई की तारीख तक आम सभा की बैठक स्थगित रखे।’’कुमार ने पीटीआई से कहा, "हमने जवाबी अपील दायर की है। कल के एजेंडे से अविश्वास प्रस्ताव हटा दिया गया है, लेकिन बैठक जारी रहेगी, क्योंकि करीब 28 राज्य इकाइयों के प्रतिनिधि यहां पहुंच चुके हैं।" उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य इकाइयों की शिकायतों और समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

अदालत के आदेश में याचिकाकर्ता की इस दलील का उल्लेख किया गया कि बीएफआई के संविधान के अनुसार अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए विशेष रूप से बुलाई गई आम सभा में कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों के समर्थन वाला अविश्वास प्रस्ताव जरूरी है। याचिका में यह भी कहा गया कि विशेष आम सभा की बैठक केवल अध्यक्ष बुला सकता है या फिर कार्यकारी समिति के दो-तिहाई सदस्यों के अनुरोध पर इसे आयोजित किया जा सकता है।

महासंघ ने संविधान के अनुच्छेद 33(दो) का हवाला देते हुए कहा कि अध्यक्ष अपने विवेक से विशेष आम सभा बुला सकता है। इसके अलावा, कार्यकारी परिषद के दो-तिहाई सदस्यों की ओर से लिखित अनुरोध मिलने पर 30 दिन के भीतर बैठक बुलाना आवश्यक है। बीएफआई के अनुसार, मौजूदा मामले में इन दोनों में से किसी भी शर्त का पालन नहीं किया गया। इसलिए निलंबित महासचिव की ओर से बुलाई गई कथित बैठक को महासंघ ने नियमों के विरुद्ध बताया।

महासंघ ने संविधान के अनुच्छेद 26(तीन) का उल्लेख करते हुए कहा कि महासचिव अध्यक्ष की सलाह पर ही आम परिषद और कार्यकारी परिषद की बैठक बुला सकता है। बीएफआई ने सदस्यों से आंतरिक विवादों और अन्य व्यवधानों से दूर रहकर भारतीय मुक्केबाजी के ओलंपिक स्वर्ण पदक के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह भी किया।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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