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आंध्र प्रदेश: तेजी से आगे बढ़ रहा चक्रवात 'अर्नब', सुबह 2 से 4 बजे के बीच तट से टकराने की संभावना, अगले 48 घंटे बेहद अहम

Cyclone Arnab: खतरनाक और गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। जिसे लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के पूरी तरह से तट से टकराने यानी लैंडफॉल की प्रक्रिया आज रात 2 बजे से सुबह 4 बजे के बीच होने की संभावना है।

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चक्रवात अर्नब (फोटो साभार- AI)

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब गहरे डिप्रेशन से होते हुए एक खतरनाक और गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के मुताबिक, यह सिस्टम तेजी से ताकत पकड़ते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसका असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और आगे चलकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक भी देखने को मिलेगा।

रात 2 से सुबह 4 के बीच तट से टकराएगा 'अर्नब'

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के पूरी तरह से तट से टकराने यानी लैंडफॉल की प्रक्रिया आज रात 2 बजे से सुबह 4 बजे के बीच होने की संभावना है। लैंडफॉल आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास हो सकता है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। सुबह 8:30 बजे से ही राज्य में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। 28 जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश और 133 जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में कल सुबह तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी जारी की गई है।

अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम

चक्रवाती तूफान अर्नब तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और अगले 24 से 48 घंटे को बेहद अहम बताया है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि चक्रवात अर्नब की बाहरी परतें जमीन तक पहुंचने लगी हैं। पिछले छह घंटों में यह वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। शाम 8:30 बजे तक तूफान का केंद्र विशाखापत्तनम से 170 किमी, काकीनाडा से 90 किमी, मछलीपट्टनम से 170 किमी और बापटला से 240 किमी दूर था।

27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द

राज्य सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। एहतियात के तौर पर विशाखापत्तनम, काकीनाडा और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द की गई हैं। प्रशासन ने 24 घंटे कंट्रोल रूम शुरू कर निगरानी तेज कर दी है।

रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने चक्रवात अर्नब को देखते हुए रेल यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसके 28 अक्टूबर, 2026 को आंध्र प्रदेश तट पर भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में टकराने की आशंका है। तेलंगाना के कई जिलों में भारी बारिश के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रेड अलर्ट के बाद, रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं और चेतावनी दी है कि प्रभावित रूटों से गुजरने वाली कई ट्रेन सेवाओं को रद्द, डायवर्ट या रीशेड्यूल किया जाएगा।

600 किलोमीटर ट्रैक पर रखी जा रही खास निगरानी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' के संभावित लैंडफॉल को देखते हुए रेलवे की तैयारियों की समीक्षा की। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम रेल मंडलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। करीब 600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर खास निगरानी रखी जा रही है। चक्रवात के बाद रेल सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए भी पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए रेलवे जोन, मंडल और बोर्ड स्तर पर वॉर रूम बनाए गए हैं, जहां से 24 घंटे हालात पर नजर रखी जा रही है। राहत और मरम्मत से जुड़े सामान के साथ विशेष वैगन कृष्णा कैनाल, बिट्रागुंटा, मामिडिपुडी, विशाखापत्तनम, पलासा और पोंडुरु में तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए प्रमुख स्टेशनों पर डीजल इंजन, पावर यूनिट और एंबुलेंस तैयार रखी गई हैं। पेड़ हटाने वाली मशीनें, अर्थमूवर और ट्रैक की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी अलग-अलग जगहों पर तैनात किए गए हैं। हवा की रफ्तार और जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

13 नाव बचाव टीमें तैनात

आंध्र प्रदेश अग्निशमन विभाग ने चक्रवात 'अर्नब' को देखते हुए अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत किया है। इन तैयारियों में आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए 115 लकड़ी काटने वाली टीमें, 13 नाव बचाव टीमें, 76 ASKA लाइट्स, 853 लाइफ बॉय और 1,328 लाइफ जैकेट शामिल हैं।

सभी कृषि अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

चक्रवात 'अर्नब' के संभावित असर से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कृषि, ऊर्जा, मत्स्य और पशु संसाधन, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, फायर सर्विस और ODRAF सहित सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने कृषि भवन में हाई लेवल समीक्षा बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि 25 अक्टूबर से 7 नवंबर तक सभी कृषि अधिकारियों की छुट्टियां रद्द रहेंगी और उन्हें जिला मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं

कृषि विभाग ने जारी किया टोल-फ्री नंबर 155333

चक्रवात 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155333 जारी किया है। यह कंट्रोल रूम 25 अक्टूबर से शुरू हो गया है, जहां किसान सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कॉल कर फसल प्रबंधन और मौसम से जुड़ी सलाह ले सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि 80 से 85 प्रतिशत तक पकी हुई धान की फसल की तुरंत कटाई कर उसे सुरक्षित जगह पर रख दें। कटी हुई फसलों को पॉलीथीन से ढक कर रखें, खेतों में जल निकासी के रास्तों को साफ रखें और फिलहाल खेतों में खाद और कीटनाशक का छिड़काव न करें। इसके अलावा पके हुए मक्का, रागी, मूंग, उड़द और सब्जियों की भी बारिश शुरू होने से पहले कटाई कर लेने की अपील की गई है।

एक भी जान न गंवाना सरकार का टारगेट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य चक्रवात 'अर्नब' के दौरान एक भी जान न गंवाना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सावधानी बरतें।सीएम नायडू ने उंडावल्ली स्थित अपने कैंप ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लैंडफॉल के बाद भी लोगों को सतर्क और घरों के अंदर ही रहना होगा। उन्होंने बताया कि अब तक 84,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित शेल्टरों में पहुंचाया जा चुका है।" चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "हमारा मकसद सिर्फ एक है, एक भी जान नहीं जानी चाहिए। सभी की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियात बरतनी होगी।"

आंध्र सरकार ने 2,199 साइक्लोन शेल्टर किए तैयार

सरकार ने 2,199 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए हैं। बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को मेडिकल सुविधाओं वाले केंद्रों में शिफ्ट किया गया है। खाने-पीने, दवाओं, जनरेटर और 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। 13,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे और बिजली बहाली के लिए 8,400 कर्मी स्टैंडबाय पर हैं। नायडू ने बताया कि करीब 15,000 बिजली के खंभे उखड़ने और 7.16 लाख हेक्टेयर कृषि फसल और 16 लाख हेक्टेयर बागवानी फसल प्रभावित होने का अनुमान है। नागावली और वामसधारा नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिसके लिए ड्रोन से फंसे गांवों में खाना और दवाएं पहुंचाने की तैयारी है।

लोगों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया

काकीनाडा में चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वाकलापुडी गांव के पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट किया जा रहा है। तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है। राहत केंद्रों में खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की गई है।

ओडिशा में भी हाई अलर्ट

वहीं ओडिशा में भी अलर्ट है। गोपालपुर बीच पर राज्य मंत्री बिभूति भूषण जेना ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "अर्नब के ओडिशा की ओर आने की आशंका थी, लेकिन अब यह आंध्र प्रदेश की ओर मुड़ गया है। फिर भी हम पूरी तरह तैयार थे। जिला प्रशासन, सभी विभाग तैनात हैं, टोल-फ्री नंबर जारी किए गए हैं। साइक्लोन सेंटर बनाए गए हैं जहां 6,000 लोगों को शिफ्ट करने का लक्ष्य है।" प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट और निचले इलाकों से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

चक्रवात 'अर्नब' के पूर्वी तट के करीब पहुंचते ही ओडिशा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के बीच राहत और बचाव की टीमें फील्ड में तैनात हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश माझी ने बताया, "आज गजपति में कुछ जगह पेड़ गिरने की सूचना मिली थी, सूचना मिलते ही तुरंत पेड़ों को काटकर रास्ता क्लियर कर दिया गया। गंजाम के गोपालपुर बीच के आसपास हवा की गति बढ़ गई है और बारिश भी तेज हो गई है। सरकार के दिशा-निर्देश के तहत हम सभी से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रहे हैं। हमारे विभाग की सभी मशीनरी पूरी तैयारी में है और जगह-जगह तैनात है।"

'अर्नब' से निपटने के लिए तैयारियां पूरी

वहीं राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात 'अर्नब' से निपटने के लिए पूरी और अंतिम तैयारियां कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, "हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा गया है। ODRAF, NDRF और फायर सर्विस के जवान अलग-अलग इलाकों में तैनात हो चुके हैं। खतरे वाले इलाकों से लोगों को निकालकर बाढ़ राहत केंद्रों और चक्रवात आश्रय केंद्रों में ले जाया जा रहा है।" मंत्री ने बताया कि राहत केंद्रों में खाने-पीने से लेकर सभी जरूरी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। लगभग 200 गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और सभी केंद्रों में डॉक्टरों की टीम तैनात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आठ मंत्री अलग-अलग जिलों में पहुंचकर जिला प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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