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Elon Musk Nikhil Kamath Podcast: US को H1B वीजा प्रोग्राम कर देना चाहिए बंद? एलन मस्क ने दिया सटीक जवाब; जमकर की भारतीयों की तारीफ

Elon Musk Nikhil Kamath Podcast: टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने निखिल कामत के पॉडकास्ट में भारतीय प्रतिभा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की टेक और इंजीनियरिंग इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा फायदा भारतीय मूल के पेशेवरों से मिला है। मस्क के मुताबिक भारतीयों की मेहनत, योग्यता और नवाचार क्षमता ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।

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Elon Musk Nikhil Kamath Podcast: एलन मस्क ने भारतीयों की जमकर की तारीफ।(फोटो सोर्स: nikhil kamath youtube chaneel)

Elon Musk Nikhil Kamath Podcast: जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत के पॉडकास्ट में टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने हिस्सा लिया। इस पॉडकास्ट में मस्क ने भारतीय प्रतिभा की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली भारतीयों की वजह से अमेरिका को काफी फायदा हुआ है।

मस्क ने बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोगों ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय पेशेवरों की लगन और उच्च योग्यता की जमकर तारीफ की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारतीयों की वजह से अमेरिका के इनोवेशन और अर्थव्यवस्था से काफी लाभ हुआ है।

H-1B कार्यक्रम बंद करना सही नहीं: मस्क

वहीं, बातचीत के दौरान उन्होंने H1B वीजा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने H-1B वीजा पर बात करते हुए कहा, "यह कहना सही होगा कि H-1B कार्यक्रम का कुछ दुरुपयोग हुआ है। कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने इस सिस्टम को 'गेम' करने की कोशिश की है, और हमें इस गेमिंग को रोकना होगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमें H-1B कार्यक्रम को बंद कर देना चाहिए। मुझे लगता है कि ऐसा करना वास्तव में बहुत बुरा होगा।"

ट्रंप ने H-1B वीजा पर लगाई थी नई शर्तें।

बता दें कि कुछ महीने पहले ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा (H-1B Visa) के लिए नई शर्तें लागू की थीं। नए नियम के मुताबिक, इस वीजा को हासिल करने के लिए कंपनियों को हर साल 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) की फीस चुकानी होगी। इस फैसले के बाद आशंका जताई गई कि भारतीय समेत लाखों विदेशी पेशेवरों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

इस फैसले के पीछे व्हाइट हाउस के स्टाफ सेक्रेटरी विल शार्फ ने कहा था, "यह एच-1बी सिस्टम में हो रहे दुरुपयोग को रोकने का कदम है।" उनके अनुसार, यह प्रोग्राम सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए होना चाहिए जो अमेरिका में दुर्लभ और हाई-स्किल्ड काम करते हैं, न कि ऐसे काम के लिए जिन्हें अमेरिकी प्रोफेशनल्स भी कर सकते हैं।

अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल भारत एच-1बी वीजा का सबसे बड़ा लाभार्थी था, जिसकी लाभार्थियों में हिस्सेदारी 71 प्रतिशत थी, जबकि चीन 11.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर था।

अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी पर क्या बोले मस्क?

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि विदेश से आए लोगों की वजह से अमेरिकी नागरिकों को रोजगार नहीं मिल रहा।

इसी संदर्भ में एलन मस्क ने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह कितना सच है। मेरा मानना यह है कि प्रतिभाशाली लोगों की हमेशा कमी रहती है। मेरी सोच के अनुसार बड़े कामों को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रतिभाशाली लोगों को ढूंढ़ने में हमें बहुत कठिनाई होती है।"

'सीमा नियंत्रण जरूरी'

पॉडकास्ट में उन्होंने सीमा नियंत्रण पर भी चर्चा की। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि आखिर सीमा नियंत्रण जरूरी क्यों है।

मस्क ने कहा, "बाइडेन प्रशासन के तहत, मूल रूप से बिना किसी सीमा नियंत्रण के पूरी तरह से खुली छूट थी, जैसा कि आप जानते हैं, जब तक आपके पास सीमा नियंत्रण नहीं है, आप एक देश नहीं हैं। इसलिए, बाइडन के शासन में भारी मात्रा में अवैध आव्रजन हुआ। इसका वास्तव में कुछ हद तक नकारात्मक चयन प्रभाव पड़ा। इसलिए अगर अवैध रूप से अमेरिका आने और ये सभी सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए भारी वित्तीय प्रोत्साहन है, तो आप लोगों के अमेरिका आने के लिए एक डिफ्यूजन ग्रेडिएंट बनाएंगे। यह एक प्रोत्साहन संरचना है। आपको सीमा नियंत्रण रखना ही होगा। ऐसा न करना हास्यास्पद है।"

मस्क बोले- मेरी पार्टनर आधी भारतीय

मस्क ने पॉडकास्ट के दौरान न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव और पार्टनर शिवोन जिलिस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "जिलिस आधी भारतीय (हाफ-इंडियन) हैं।" अरबपति ने यह भी बताया कि जिलिस के साथ उनके एक बेटे का मध्य नाम शेखर है, जो भारतीय-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है।

मस्क ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आप यह जानते हैं या नहीं, लेकिन मेरी पार्टनर शिवोन आधी भारतीय हैं। उनसे मेरा एक बेटा है, जिसका मिडिल नाम चंद्रशेखर के नाम पर शेखर है।"

मस्क ने बताया कि जिलिस कनाडा में पली-बढ़ी थी। मस्क ने कहा, "जब वह बच्ची थी, तब उसे गोद दे दिया गया था। मुझे लगता है कि उसके पिता विश्वविद्यालय में एक एक्सचेंज स्टूडेंट थे या ऐसा ही कुछ।"

एलन मस्क ने भारतीयों को संदेश देते हुए कहा कि "मुझे वो हर इंसान पसंद है जो कुछ करना चाहता है। जो अपने खर्चों से पढ़कर आगे बढ़ता है, मैं उसकी इज्जत करता हूं। तो इसी बात को टारगेट बनाओ। अपने खर्चों से बढ़कर कमाई करो। समाज को अपना योगदान दो।"

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Piyush Kumar
Piyush Kumar Author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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