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जयशंकर ने वाशिंगटन में कीं जापान और ऑस्ट्रेलिया के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें, जानें खास बातें

World News: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वाशिंगटन में जापान, ऑस्ट्रेलिया के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने कहा, "जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मिलकर अच्छा लगा। हमारे द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की। क्वाड से संबंधित घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।" आज वाशिंगटन डीसी में क्वाड के सहयोगी विदेश मंत्री पेनी वोंग से मिलकर खुशी हुई।"

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जयशंकर ने वाशिंगटन में कीं जापान, ऑस्ट्रेलिया के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें।

Jaishankar holds Bilateral Meetings: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को वाशिंगटन में ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्षों के साथ बैठकें कीं और इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों तथा ‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। ‘क्वाड’ डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल की पहल है, इसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री से जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पुष्टि किए जाने और विदेश मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद मार्को रूबियो की अंतरराष्ट्रीय बैठकों के क्रम में ‘क्वाड’ मंत्रिस्तरीय बैठक उनकी पहली प्राथमिकता होगी। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज वाशिंगटन में क्वाड की सहयोगी विदेश मंत्री सीनेटर वोंग से मिलकर खुशी हुई। हमेशा की तरह दुनिया के हालात पर हमने चर्चा की।’’

एस जयशंकर ने जापान के विदेश मंत्री के साथ की बैठक

जापान के विदेश मंत्री के साथ अपनी बैठक के बाद एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मिलकर अच्छा लगा। हमने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की। ‘क्वाड’ से संबंधित घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।’’ सत्ता हस्तांतरण टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रूबियो और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप भारत-अमेरिका संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने को प्राथमिकता देंगे।

सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्री के रूप में अपने नाम की पुष्टि होने के बाद रूबियो जयशंकर के साथ अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक करने के इच्छुक हैं। रूबियो के नाम पर सीनेट द्वारा पुष्टि सोमवार शाम को होने की उम्मीद है और जल्द उन्हें शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। ‘क्वाड’ के तीन अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए यहां आए हैं।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने गए जेडी वेंस ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग का अमेरिका में स्वागत किया। मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों नेताओं ने व्यापार संतुलन और क्षेत्रीय स्थिरता सहित कई विषयों पर चर्चा की।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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