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सोमालिया में सूखे का कहर: 46 लाख लोगों पर मंडरा रहा बर्बादी का खतरा; यूएन ने किया अलर्ट

सोमालिया में इन दिनों सूखे के कारण डराने वाले हालात है। यहां 46 लाख से ज्यादा लोग सूखे से प्रभावित हैं। इस बीच ओसीएचए ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सोमाली अधिकारी खेती के बर्बाद होने की आशंका जता रहे हैं। उनकी अपील है कि तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया जाए तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

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अप्रैल 2026 से पहले सोमालिया में बारिश की संभावना नहीं।

सोमालिया का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में है और इसका असर करीब 46 लाख लोगों पर पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) राहत एजेंसी ने इसे गंभीर खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स (ओसीएचए) ने कहा कि देश में बारिश नहीं हुई है। बारिश के दो मौसम यूं ही निकल गए। वहीं फंडिंग की कमी से ये स्थिति और गंभीर हो चली है। सोमालिया वैसे भी एक गरीब देश माना जाता है।

सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में ओसीएचए ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सोमाली अधिकारी खेती के बर्बाद होने की आशंका जता रहे हैं और ऐसे में मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। उनकी अपील है कि तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया जाए तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले चार महीने निर्णायक होंगे। उनके मुताबिक बारिश अप्रैल 2026 से पहले होने की उम्मीद नहीं है। ओसीएचए ने कहा कि अगले साल जनवरी से मार्च तक का मौसम ऐसा ही रहेगा। पानी की कमी, पशुओं का असामान्य पलायन और पशुओं की मौतें बढ़ने की आशंका है, जिससे सोमालिया के कई हिस्सों में गंभीर खाद्य असुरक्षा और बढ़ सकती है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा कि फंडिंग की काफी कमी के बावजूद, मानवीय सहायता कर्मी राहत कार्य में जुटे हैं, जिसमें सप्लाई स्टॉक की मैपिंग करना, स्थिति की गंभीरता का आकलन करने के लिए फील्ड लोकेशन का दौरा करना और शुरुआती कार्रवाई के लिए उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करना शामिल है।

ओसीएचए ने कहा कि सूखे की स्थिति देश के मध्य, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में विशेष रूप से गंभीर है। धीरे-धीरे ऐसे हालात अन्य क्षेत्रों में भी पैदा हो रहे हैं। पहले से ही संघर्ष कर रहे समुदाय के लिए ये स्थिति भयावह है। संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन राहत समन्वयक ने 6,03,000 से अधिक लोगों को ध्यान में रख सूखे की शुरुआती कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र केंद्रीय आपात राहत कोष से 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर आवंटित किए हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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