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पश्चिम एशिया तनाव का 'क्लाइमेक्स'? ट्रंप का ईरान पर दावा- "न नौसेना बची, न वायुसेना; अब खुद फोन करेगा ईरान"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य और आर्थिक शक्ति पूरी तरह कमजोर हो गई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना खत्म हो चुकी है और अब तेहरान को बातचीत के लिए खुद आगे आना होगा।

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जल्द खत्म हो सकता है तनाव, ट्रंप ने दिए संकेत

Photo : AP

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य और आर्थिक दबाव का 'ब्लॉकबेड' (नाकाबंदी) रंग ला रहा है और तेहरान अब समझौते के लिए मजबूर हो सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य शक्ति लगभग ध्वस्त हो चुकी है।

"ईरान के पास अब न नौसेना बची है, न वायुसेना"

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की कमर तोड़ दी है। उन्होंने दावा किया, "ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है और उनके पास अब कोई वायुसेना नहीं बची है। वे बहुत बुरी स्थिति में हैं।" ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका की नाकाबंदी बेहद प्रभावी रही है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था ठप हो गई है और उनके पास पैसे की भारी किल्लत हो गई है।

ईरानी सैन्य ठिकानों पर भारी नुकसान का दावा

ट्रंप ने ईरानी सैन्य क्षमताओं को हुए नुकसान का विवरण देते हुए कहा, ईरान की मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 75% तक नुकसान पहुंचाया गया है। उनके पास अब न तो एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण बचे हैं और न ही रडार सिस्टम। ट्रंप के अनुसार, यह सब बमबारी में उड़ा दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पुराने कट्टरपंथी नेता जा चुके हैं और अब जो लोग सत्ता में हैं, उनमें आपसी कलह चल रही है। कुछ लोग 'उदारवादी' हैं तो कुछ अब भी अड़े हुए हैं।

बातचीत की नई शर्त: "हम 18 घंटे की यात्रा नहीं करेंगे"

ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिका बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल विदेश नहीं भेजेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "अगर वे (ईरान) बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आएं या हमें फोन करें। हम मिलने के लिए 18 घंटे की यात्रा करके नहीं जाएंगे।" ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ईरान का रुख: "दबाव में नहीं होगी बात"

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची कूटनीतिक रास्ते तलाशने के लिए ओमान, पाकिस्तान और रूस की यात्रा कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसऊद पेजेशकियन ने अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाइयों को कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं के खिलाफ बताया।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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