US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता होगी भी या नहीं? इसको लेकर संशय और बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया प्रस्ताव पर नाखुशी जताते हुए कहा कि मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि क्या कोई अंतिम समझौता हो भी पाएगा या नहीं।
ईरान की कौन सी बातों से नाखुश हैं ट्रंप?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, ''वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। अब देखना होगा आगे क्या होता है।'' हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रस्ताव के किन पहलुओं से वह नाखुश हैं, लेकिन उन्होंने तेहरान की मंशा पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
'ईरान में 4 अलग-अलग गुट'
ट्रंप ने कहा, ''उन्होंने कुछ प्रगति जरूर की है, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि वे आखिर तक पहुंच पाएंगे या नहीं।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान के नेतृत्व में एकजुटता की कमी है, जिसकी वजह से बातचीत प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा, ''वहां का नेतृत्व बिखरा हुआ है। उसमें दो-तीन या शायद चार अलग-अलग गुट हैं। वे सभी एक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे सब बहुत उलझे हुए हैं।''
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया जब ईरान ने अमेरिका के साथ जारी पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया, जो इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में एक ड्राफ्ट योजना में संशोधन सुझाए थे, जिनमें परमाणु मुद्दे को फिर से शामिल करने पर जोर दिया गया। इसी के जवाब में ईरान ने अपना नया प्रस्ताव भेजा है।
