जेरोम पॉवेल के बाद केविन वॉर्श संभालेंगे फेडरल रिजर्व की कमान! ट्रंप ने किया नामित, सीनेट की मंजूरी बाकी
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 30, 2026, 06:36 PM IST
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व का अगले अध्यक्ष के लिए केविन वॉर्श को नामित किया है। अगर उनके नाम पर सीनेट की सहमति बन गई तो वे मई में मौजूदा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी जगह लेंगे।
केविन वॉर्श , डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व का अगले अध्यक्ष के लिए केविन वॉर्श को नामित किया है। इस फैसले से देश की सबसे शक्तिशाली आर्थिक संस्था की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे फेडरल रिजर्व की पारंपरिक स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और एजेंसी व्हाइट हाउस के अधिक करीब आ सकती है।
गौरतलब है कि अगर उनके नाम पर सीनेट की सहमति बन गई तो वे मई में मौजूदा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी जगह लेंगे। ट्रंप ने ही 2017 में पॉवेल को फेड का प्रमुख नियुक्त किया था, लेकिन हाल के महीनों में ब्याज दरों में तेजी से कटौती न करने को लेकर ट्रंप ने उन पर लगातार निशाना साधा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह केविन वॉर्श को लंबे समय से जानते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि वॉर्श एक बेहतरीन फेड चेयरमैन साबित होंगे। ट्रंप ने लिखा,'मैं केविन को लंबे समय से जानता हूं और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि उन्हें फेड के महानतम अध्यक्षों में से एक,शायद सर्वश्रेष्ठ के रूप में याद किया जाएगा। इसके अलावा, वह ‘सेंट्रल कास्टिंग’ जैसे हैं और आपको कभी निराश नहीं करेंगे।'
सीनेट की मंजूरी की होगी जरूरत
इस नियुक्ति को लागू करने के लिए अमेरिकी सीनेट की मंजूरी जरूरी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा नामांकन के बाद अमेरिकी सीनेट की मंजूरी नियुक्ति के लिए अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में सीनेट की बैंकिंग समिति द्वारा सुनवाई और उसके बाद पूरी सीनेट द्वारा साधारण बहुमत (51 वोट) से पुष्टि आवश्यक है। फेड अध्यक्ष का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है और वे दोबारा नियुक्त हो सकते हैं। अब 55 साल के वॉर्श के लिए यह एक तरह से वापसी मानी जा रही है।
कौन हैं केविन वॉर्श ?
केविन वॉर्श वर्तमान में दक्षिणपंथी झुकाव वाले हूवर इंस्टीट्यूशन में फेलो हैं और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में लेक्चरर के तौर पर कार्यरत हैं। वह 2006 से 2011 तक फेडरल रिजर्व बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। 35 वर्ष की उम्र में नियुक्त होने पर वे इतिहास के सबसे युवा फेड गवर्नर बने थे।वार्श को नीतिगत रूप से हॉकिश माना जाता है और वह लंबे समय से फेड की ढीली मौद्रिक नीति की आलोचना करते रहे हैं। फिलहाल, वॉर्श फेड के गवर्निंग बोर्ड में उस सीट को भरेंगे जो अस्थायी रूप से स्टीफन मिरान के पास थी, जिन्हें ट्रंप ने सितंबर में व्हाइट हाउस सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था। बोर्ड में शामिल होने के बाद, ट्रंप मई में पॉवेल का कार्यकाल समाप्त होने पर वॉर्श को अध्यक्ष पद पर पदोन्नत कर सकते हैं।
ब्याज दरों पर वॉर्श का कैसा है रुख
कुछ मायनों में वॉर्श ट्रंप के लिए एक अप्रत्याशित विकल्प माने जा रहे हैं। वे लंबे समय तक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए ऊंची ब्याज दरों के समर्थक रहे हैं। वहीं ट्रंप का मानना है कि फेड की प्रमुख ब्याज दर 1 प्रतिशत तक होनी चाहिए,जो मौजूदा करीब 3.6 प्रतिशत के स्तर से काफी कम है। 2008-09 की वैश्विक मंदी के दौरान वॉर्श ने फेड की कम ब्याज दर नीति पर सवाल उठाए थे और मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका जताई थी। हालांकि, मंदी के बाद कई वर्षों तक महंगाई नियंत्रित रही। हाल के समय में वॉर्श ने अपने भाषणों और लेखों में अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए कम ब्याज दरों का समर्थन भी किया है।
केविन वॉर्श की नियुक्ति का क्या अर्थ है?
विशेषज्ञों के अनुसार,वॉर्श की नियुक्ति ट्रंप की उस रणनीति का हिस्सा हो सकती है,जिसके तहत वे फेडरल रिजर्व पर राष्ट्रपति का प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं। फेड उन गिनी-चुनी संघीय एजेंसियों में से है,जो अब भी स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। हालांकि राष्ट्रपति नियुक्तियों के जरिए इसकी नीति पर असर डालते हैं,लेकिन ट्रंप के सार्वजनिक हमलों ने इसकी स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष दुनिया के सबसे ताकतवर आर्थिक नीति-निर्माताओं में से एक होते हैं। जिन पर संयुक्त राज्य अमेरिका में मुद्रास्फीति से निपटने के साथ-साथ अधिकतम रोजगार सुनिश्चित करने का दायित्व है। फेड देश का शीर्ष बैंकिंग नियामक भी है। फेड के ब्याज दर संबंधी फैसलों का सीधा असर होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड जैसी उधारी की लागत पर पड़ता है।