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UP : मुकुल यादव के फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण में गरमाई सियासत, विधान परिषद के सभापति ने दिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य मुकुल यादव के ’फर्जी’ हस्ताक्षर से एक सवाल प्रस्तुत किये जाने का मामला सामने आने के बाद सभापति ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं।

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सपा विधान परिषद सदस्य मुकुल यादव और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह

ळखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य मुकुल यादव के नाम से 'फर्जी' हस्ताक्षर कर एक सवाल प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना के बाद विधान परिषद के सभापति ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गत पांच अगस्त को नियम-111 के तहत लोक महत्व के प्रश्न से संबंधित एक पत्र परिषद सचिवालय में प्राप्त हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े सवाल उठाए गए थे। हालांकि, बाद में सपा सदस्य मुकुल यादव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई प्रश्न दाखिल नहीं किया है और पत्र पर मौजूद उनके हस्ताक्षर पूरी तरह से फर्जी हैं।

निष्पक्ष जांच के निर्देश

इस खुलासे के बाद सभापति ने छह अगस्त को विधान परिषद के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के तहत प्रश्न दाखिल करने वाले काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी ताकि यह पता चल सके कि वह पत्र किसने जमा कराया था। यदि इस मामले में विधान परिषद का कोई कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सूत्रों के मुताबिक, परिषद ने पहले इस कथित प्रश्न के संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। जब विभाग ने मुकुल यादव से इस बारे में पुष्टि करनी चाही, तब यह फर्जीवाड़ा सामने आया। यादव द्वारा पहले पूछे गए अन्य आधिकारिक प्रश्नों से जब इन नए हस्ताक्षरों का मिलान किया गया, तो दस्तखत पूरी तरह भिन्न पाए गए, जिसके बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ। इस संबंध में सपा सदस्य मुकुल यादव से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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