US Iran War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सोमवार काफी नाटकीय ढंग से गुजरता हुआ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर जहां बदले-बदले नजर आए तो ईरान और भी ज्यादा आक्रामक नजर आया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पांच दिनों तक ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने के लिए गंभीर वार्ता हो रही है। साथ ही ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान बहुत बुरी तरह से एक समझौता चाहता है।
हालांकि, तेहरान ने अमेरिका के साथ वार्ता की बात को सिरे से नकार दिया। ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी दो समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
आखिर किसके साथ बातचीत कर रहा अमेरिका
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान एक 'समझौता करना चाहता है' और अमेरिकी दूत एक 'सम्मानित' ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि पश्चिम एशिया के लिए उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार शाम को बातचीत की।
मोजतबा खामेनेई से नहीं हो रही बात
ट्रंप ने तेहरान का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी अधिकारी या अधिकारियों का नाम नहीं लिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से बात नहीं की है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए कदम उठाएगा।
इजरायल ने ईरान पर किए हमले
इजरायल ने सोमवार को ईरानी राजधानी पर फिर से हमले शुरू किए। दोपहर में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन जगहों को निशाना बनाया गया। युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश के बीच अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व में और युद्धपोत एवं अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती के मद्देनजर, ईरान ने किसी भी जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी है।
