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Rajnath Singh Russia Visit: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे मॉस्को, INS तुशील को नौसेना में करेंगे शामिल

Rajnath Singh Russia Visit: राजनाथ सिंह रूस में भारतीय नौसेना में एक स्टील्थ युद्धपोत INS तुशील की कमीशनिंग सेरेमनीके साक्षी बनेंगे। इसके अलावा सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 21वीं बैठक में भाग लेंगे।

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रूस पहुंचे राजनाथ सिंह।

Rajnath Singh Russia Visit: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आधिकारिक यात्रा पर रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे। रविवार देर रात रूस में भारतीय राजदूत वेंकटेश कुमार और रूसी उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने राजनाथ सिंह का गर्मजोशी से स्वागत किया। राजनाथ सिंह यहां भारतीय नौसेना में एक स्टील्थ युद्धपोत INS तुशील की कमीशनिंग सेरेमनीके साक्षी बनेंगे। इसके अलावा सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 21वीं बैठक में भाग लेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राजनाथ सिंह रूस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत भी करेंगे। सूत्रों की मानें तो राजनाथ सिंह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा वह अपने समकक्ष रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी एमएंडएमटीसी) की सह-अध्यक्षता करेंगे।

पीएम मोदी की यात्रा के पांच महीने बाद रक्षामंत्री का दौरा

बता दें, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रूस यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉस्को यात्रा और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता के पांच महीने बाद हो रही है। वार्ता में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने का निर्णय लिया। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सिंह और बेलौसोव रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करेंगे, जिसमें सैन्य एवं औद्योगिक सहयोग शामिल है। इसमें कहा गया है, वे आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

भारत की ताकत बढ़ाएगा INS तुशील

बता दें, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस निर्मित INS तुशील को भारतीय नौसेना में शामिल करेंगे। बहु-भूमिका स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तुशील को सोमवार को तटीय शहर कलिनिनग्राद में जलावतरण किया जाएगा। दुनिया भर में तकनीकी रूप से सबसे उन्नत फ्रिगेट में से एक माने जाने वाले इस युद्धपोत से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां चीन की बढ़ती गतिविधियां देखी गई हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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