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बार-बार सुरक्षा चूक के चलते पाकिस्तान में चीनी निवेश खतरे में, रिपोर्ट में खुलासा

'यूरोप वायर' के लिए लिखते हुए ग्रीस की वकील, लेखिका और पत्रकार दिमित्रा स्टाइको ने कहा कि चीन अब केवल 'स्थिरता' के सामान्य आश्वासनों से आगे बढ़ चुका है और ज़मीन पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है।

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पाकिस्तान में चीनी निवेश खतरे में (फाइल फोटो)

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और 'भाईचारे' की बयानबाजी भी तब तक क्षेत्र में चीनी निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, जब तक पाकिस्तान जिहादी और अलगाववादी संगठनों का गढ़ बना रहेगा। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में यह गंभीर चेतावनी दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि बीजिंग ऐतिहासिक अनुभवों की अनदेखी करता रहा, तो उसे तैनात सैनिकों के बजाय अपने नागरिकों की मौत, ठप पड़ती परियोजनाओं और वैश्विक छवि में दरार जैसी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

'यूरोप वायर' के लिए लिखते हुए ग्रीस की वकील, लेखिका और पत्रकार दिमित्रा स्टाइको ने कहा कि चीन अब केवल 'स्थिरता' के सामान्य आश्वासनों से आगे बढ़ चुका है और ज़मीन पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है।

उन्होंने लिखा, 'विशेष सुरक्षा इकाइयों के गठन और संयुक्त प्रशिक्षण ढांचे इस बात के संकेत हैं कि शक्ति संतुलन का एक मौन पुनर्समायोजन हो रहा है। पाकिस्तान अब भी एक अहम साझेदार है, लेकिन उस पर प्रदर्शन से जुड़ी सख्त शर्तें लागू की जा रही हैं। जब किसी रणनीतिक सहयोगी को अपने साझेदार को भरोसा दिलाने के लिए अपनी आंतरिक सुरक्षा संरचना में बदलाव करना पड़े, तो सहयोग वैचारिक निकटता से आगे बढ़कर धैर्य की परीक्षा बन जाता है।'

पांच चीनी इंजीनियरों और उनके पाकिस्तानी चालक की मौत हो गई थी

स्टाइको ने बताया कि 2024 और 2025 के दौरान पाकिस्तान में हुए सिलसिलेवार आतंकी हमलों ने चीनी नागरिकों और संयुक्त परियोजनाओं की सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर किया है।उन्होंने लिखा, 'मार्च 2024 में शांगला में एक आत्मघाती हमले में दासू जलविद्युत परियोजना की ओर जा रहे पांच चीनी इंजीनियरों और उनके पाकिस्तानी चालक की मौत हो गई। यह परियोजना सीपीईसी की प्रमुख पहलों में से एक है। अक्टूबर 2024 में कराची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हुए हमले में दो चीनी कर्मी मारे गए। इससे पहले बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) भी बलूचिस्तान में चीनी हितों को निशाना बना चुकी है।'

लगातार हो रहे हमले चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का कारण

रिपोर्ट के अनुसार, जिहादी और अलगाववादी समूहों द्वारा लगातार हो रहे हमले चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का कारण बन रहे हैं, जिसके चलते बीजिंग को सार्वजनिक रूप से और अधिक कड़े व प्रभावी सुरक्षा उपायों की मांग करनी पड़ी है।स्टाइको ने आगे कहा, 'हालांकि आधिकारिक तौर पर सहयोग मजबूत बना हुआ है, लेकिन ज़मीनी हकीकत पाकिस्तान की उस क्षमता पर सवाल उठाती है, जिससे वह चीनी परियोजनाओं और कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी दे सके। इससे साझेदारी की विश्वसनीयता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।'

हमले, भर्ती और नेटवर्किंग अब केवल दूरदराज़ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहे

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 के दौरान पाकिस्तान में आतंकी संगठन आईएसआईएस-के की मौजूदगी और उसकी सक्रियता ने यह साफ कर दिया कि खतरा अब राज्य की निगरानी और नियंत्रण की सीमाओं से बाहर निकल चुका है।इसमें कहा गया कि इस्लामाबाद के 'आतंकवाद-रोधी नियंत्रण' के आधिकारिक दावों के बावजूद आईएसआईएस-के ने भौगोलिक और परिचालन दोनों स्तरों पर अपना विस्तार किया। हमले, भर्ती और नेटवर्किंग अब केवल दूरदराज़ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि शहरी केंद्रों, सीमा-पार गतिविधियों और अहम बुनियादी ढांचे तक पहुंच गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया में चीनी नागरिकों पर हमले अब अलग-थलग घटनाएं नहीं रहे, बल्कि 'एक व्यापक आतंकी रणनीति का हिस्सा बन चुके हैं, जो संगठनों और क्षेत्रों की सीमाएं लांघ रही है और इस खतरनाक संगम के केंद्र में पाकिस्तान है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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