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चीन ने टॉप मिलिट्री जनरल के पीछे बैठा दी जांच, आखिर किस देश के लिए कर रहा था काम और क्या था प्लान? जानें

China News: सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन जनरल झांग यूक्सिया की जांच की जा रही है, जिसे अधिकारियों ने 'अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन' बताया है। झांग पीपल्स लिबरेशन आर्मी में सबसे ऊंचे रैंक के यूनिफॉर्म वाले ऑफिसर हैं। वह दशकों से चीन की मिलिट्री लीडरशिप का हिस्सा रहे हैं। अब तक उन्हें राजनीतिक रूप से सुरक्षित माना जाता था।

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चीन ने टॉप मिलिट्री जनरल के पीछे बैठा दी जांच

General Zhang Youxia Under Investigation: चीन ने अपने एक सबसे सीनियर मिलिट्री ऑफिसर को जांच के दायरे में ले लिया है। इस कदम से बीजिंग के राजनीतिक और रक्षा हलकों में हलचल मच गई है। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन जनरल झांग यूक्सिया की जांच की जा रही है, जिसे अधिकारियों ने 'अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन' बताया है।

झांग पीपल्स लिबरेशन आर्मी में सबसे ऊंचे रैंक के यूनिफॉर्म वाले ऑफिसर हैं। वह दशकों से चीन की मिलिट्री लीडरशिप का हिस्सा रहे हैं। अब तक उन्हें राजनीतिक रूप से सुरक्षित माना जाता था।

इस जांच की रिपोर्ट सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी थी, जिसमें सीनियर चीनी अधिकारियों के लिए बंद कमरे में हुई ब्रीफिंग से जुड़े लोगों का जिक्र था। इसके तुरंत बाद, चीन के नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री ने कन्फर्म किया कि जांच शुरू हो गई है।

इंटरनल ब्रीफिंग में क्या कहा गया?

जर्नल के मुताबिक, इंटरनल ब्रीफिंग में झांग पर चीन के न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम से जुड़ा 'कोर टेक्निकल डेटा' यूनाइटेड स्टेट्स को लीक करने का आरोप लगाया गया था। उन पर प्रमोशन के बदले में बड़ी रिश्वत लेने का भी आरोप था।

कहा जाता है कि ब्रीफिंग में और भी बातें हुईं। इसमें झांग पर पॉलिटिकल ग्रुप बनाने, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के अंदर अथॉरिटी का गलत इस्तेमाल करने और मिलिट्री प्रोक्योरमेंट में करप्शन को लीड करने का आरोप लगाया गया।

चीनी अधिकारियों ने न्यूक्लियर सीक्रेट्स से जुड़े किसी भी आरोप को पब्लिकली कन्फर्म नहीं किया है। जर्नल को दिए एक बयान में, वाशिंगटन में चीनी एम्बेसी के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि जांच से कम्युनिस्ट पार्टी का 'करप्शन से लड़ने के लिए फुल-कवरेज, जीरो-टॉलरेंस अप्रोच' पता चलता है।

75 साल के झांग को लंबे समय से प्रेसिडेंट शी जिनपिंग का लॉयल साथी माना जाता है। उनकी अचानक हुई जांच हाल के सालों में PLA के किसी मौजूदा जनरल के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।

बिना वेरिफिकेशन वाले दावे और बड़े पैमाने पर मिलिट्री सफाया

जर्नल की रिपोर्ट आने के बाद, ऑनलाइन बड़े दावे किए जाने लगे। कुछ पोस्ट में शी जिनपिंग के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश का सुझाव दिया गया। दूसरों ने सीनियर जनरलों को हिरासत में लेने, प्रेसिडेंट के सिक्योरिटी फोर्स के साथ झड़प और बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती का आरोप लगाया। इनमें से किसी भी दावे की पुष्टि चीनी अधिकारियों या पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने नहीं की है।

 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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