Canada US Tariff War: अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर में एक नई जंग की शुरुआत की। यह जंग बंदूक और तोप के गोले से नहीं, बल्कि नए जमाने के टैरिफ की है जिसे हम टैरिफ वॉर का नाम दे रहे हैं। बीते दिनों अमेरिका ने कनाडा से आयातित सामान पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ऐसे में कनाडा ने बुधवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए 29.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी सामानों पर शुल्क लगाने का निर्णय किया। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि कनाडा द्वारा अमेरिका पर लगाया गया नया टैरिफ 13 मार्च से प्रभावी होगा।
कनाडा के वित्त मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने एक प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप की कार्रवाई को अनुचित करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक हमारे स्टील और एल्युमीनियम उद्योगों को गलत तरीके से निशाना बनाया जाएगा तब तक हम चुपचाप नहीं बैठने वाले हैं। उन्होंने कहा, ''इन टैरिफ से प्रभावित होने वाले अमेरिकी उत्पादों में यूएस-निर्मित स्टील और एल्युमीनियम , कंप्यूटर, खेल उपकरण और कुछ कच्चे लोहे के उत्पाद शामिल हैं।''
ट्रेड वॉर (Trade War)
ट्रेड वॉर तब होता है जब एक देश आयात शुल्क को बढ़ाकर या दूसरे देश के आयात पर अन्य प्रकार का प्रतिबंध लगाकर जवाब कार्रवाई करता है। इन दिनों अमेरिका और कनाडा इसी ट्रेड वॉर में उलझे हुए हैं। अमेरिका के शुरुआती टैरिफ के जवाब में कनाडा ने 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी सामानों पर तुरंत ही टैरिफ लगा दिया।
विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें अब टैरिफ लगाने की आवश्यकता है, क्योंकि कनाडाई स्टील और एल्युमीनियम आयात राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। टैरिफ के लिए ट्रंप के बहाने हर दिन बदलते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप आर्थिक दवाब के जरिए हमारे देश को अपने में मिलाना चाहते हैं। हम पीछे नहीं हटेंगे और हम इस दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि हमें इस बकवास के खिलाफ लड़ने की जरूरत है।
