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अमेरिका की तर्ज पर चीन भी करेगा ताइवान पर कब्जा, पूर्व अमेरिकी NSA ने जता दी सबसे बड़ी आशंका

जॉन बोल्टन ने कहा, एक नेता को पकड़ना तब अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ नहीं है जब नेता नाजायज हो। यह तब नहीं जब नेता ने हमला या दूसरे ऐसे काम किए हों, जो अमेरिका की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालते हों। दूसरे लोग दावा कर सकते हैं कि वे भी यही कर रहे हैं, लेकिन आपको उस दावे को फैक्ट्स के आधार पर सही ठहराना होगा।

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जॉन बोल्टन ने दी जताई गंभीर आशंका

Photo : ANI

John Bolton: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद भारत पर एक बार फिर से टैरिफ लगाने की धमकी दी। अमेरिका ने जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की, उसको लेकर बड़ा प्रश्न चिन्ह यह है कि क्या ट्रंप दुनिया के किसी अन्य देश के साथ भी ऐसा कर सकते हैं या अमेरिका के नक्शे कदम पर चलते हुए चीन भी ताइवान पर अपना कब्जा कर सकता है? आइए जानते हैं कि इस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की क्या राय है?

जॉन बोल्टन ने भारत का लिया पक्ष

पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने ट्रंप की तरफ से भारत को लेकर की गई टिप्पणी पर आईएएनएस से कहा, मुझे लगता है कि काफी समय से यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा है कि बातचीत पूरी होने से पहले ही भारत के खिलाफ टैरिफ की घोषणा कर दी गई, लेकिन चीन या तुर्किये या किसी और पर रूसी तेल खरीदने के लिए टैरिफ लगाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। मैं चाहता हूं कि रिश्ते फिर से करीबी हों क्योंकि चीन की दबदबे की चाहत के बारे में चिंता करने में हमारा आपसी हित है।

क्या ट्रंप दुनिया के अन्य देशों के साथ भी ऐसा कर सकते हैं?

क्या ट्रंप दुनिया के अन्य देशों के साथ भी ऐसा कर सकते हैं? इस पर अमेरिका के पूर्व एनएसए ने कहा, यहां के हालात याद रखें। यह ऐसी स्थिति है, जहां मादुरो ने 2024 का चुनाव धांधली से जीता। विपक्षी नेता, मारिया कैरिना मचाडो, ने मादुरो को सत्ता में बने रहने से रोकने की कोशिश के लिए नोबेल शांति पुरस्कार जीता। यह बहुत कुछ वैसा ही है, जैसा 1990 में हुआ था, जब पनामा के चुने हुए राष्ट्रपति, गुइलेर्मो अंडारा, ने अमेरिका से तानाशाह मैनुअल नोरिएगा के खिलाफ दखल देने के लिए कहा था।

उन्होंने कहा, एक नेता को पकड़ना तब अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ नहीं है जब नेता नाजायज हो। यह तब नहीं जब नेता ने हमला या दूसरे ऐसे काम किए हों, जो अमेरिका की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालते हों। दूसरे लोग दावा कर सकते हैं कि वे भी यही कर रहे हैं, लेकिन आपको उस दावे को फैक्ट्स के आधार पर सही ठहराना होगा। सिर्फ वेनेजुएला में जो कुछ है, उसकी वजह से रूस का यूक्रेन पर हमला करना सही नहीं है। यह बिल्कुल अलग स्थिति है। वह बिना किसी उकसावे के किया गया हमला था। ताइवान पर चीन के हमले को उन्हीं वजहों से सही नहीं ठहराया जा सकता।

ताइवान को धमका रहा है चीन

उन्होंने कहा, चीन ने यह साफ कर दिया है कि वे ताइवान को धमका रहे हैं। वे लंबे समय से ऐसा कर रहे हैं। ताइवान के लोगों ने बार-बार आजाद और निष्पक्ष चुनावों में अपनी बात रखी है। वे मेनलैंड में वापस शामिल नहीं होना चाहते। वे अब खुद को चीनी नहीं मानते, जैसा कि ताइवान में हुए कई सर्वे से साबित हुआ है। यह एक आजाद और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार है और मुझे लगता है कि ताइवान के लोगों को खुद पर राज करने का हक है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि चीन की ये धमकियां अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए असली खतरा हैं।

दूसरी ओर, वेनेजुएला पर कब्जा करने के बाद, अब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड पर कब्जा करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने खुद यह टिप्पणी की है। इसे लेकर जॉन बोल्टन ने कहा, इसे ही हम अमेरिका में ट्रोलिंग कहते हैं। ट्रंप का मोलभाव करने का तरीका है। कुछ अजीब कहना और लोगों को चौंकाना, और फिर अगर उन्हें अपनी मांगी हुई रकम का 30 फीसदी मिल जाए तो वे खुश हो जाते हैं। मुझे लगता है कि यह मेरे लिए बिल्कुल भी सोचा नहीं जा सकता कि वे ग्रीनलैंड के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे। अगर उन्होंने ऐसा किया, तो यह अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ी गलती होगी। इसका मतलब नाटो अलायंस का खत्म होना भी हो सकता है। यह एक आपदा होगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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