अमेरिका में भली ही जो बाइडन की पार्टी हार चुकी है, डोनाल्ड ट्रंप जीत चुके हैं। लेकिन अभी भी सत्ता बाइडन के पास ही है, ट्रंप अगले साल पावर में आएंगे। इसी बीच खबर आई कि अमेरिकी सरकार ठप होने वाली है, जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ। हालांकि अब खबर आ रही है कि जो बाइडन ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके कारण अमेरिकी सरकार ठप हो सकती थी।
क्रिसमस से पहले ठप हो सकती थी सरकार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को उस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिये हैं जिससे क्रिसमस से पहले सरकार के ठप होने की आशंक टल गई है। इसके साथ ही वाशिंगटन में कई दिनों से चल रही उथल-पुथल का अंत हो गया, क्योंकि कांग्रेस ने समय सीमा बीतने के बाद द्विदलीय बजट योजना पारित की थी और वार्ता में डोनाल्ड ट्रंप की मुख्य मांग खारिज कर दी थी।
इस बिल से क्या होगा
यह समझौता सरकार को 14 मार्च तक वर्तमान स्तर पर वित्तपोषित करेगा तथा आपदा सहायता के लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर और किसानों को कृषि सहायता के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा। अमेरिकी संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव’ के अध्यक्ष एवं रिपब्लिकन सांसद माइक जॉनसन ने कहा था कि सांसद ‘‘हमारे दायित्वों को पूरा करेंगे’’ और संघीय सरकार को ठप नहीं होने देंगे। लेकिन एक उथल-पुथल भरे सप्ताह के अंत में परिणाम अनिश्चित था क्योंकि ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया था कि समझौते में सरकार की उधार सीमा में वृद्धि का मुद्दा भी शामिल हो और अगर ऐसा नहीं होता को सरकार को ठप होने दें।
बच गई अमेरिकी सरकार
जॉनसन की संशोधित योजना को निचले सदन ने 34 के मुकाबले 366 मतों से और सीनेट ने आधी रात के बाद इसे 11 के मुकाबले 85 मतों से पारित कर दिया। इसके बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि उसने ‘शटडाउन’ (वित्त नहीं होने पर सरकारी कामकाज ठप) की तैयारियां बंद कर दी हैं। सीनेट के बहुमत नेता चक शूमर ने कहा कि सरकार अब ठप नहीं होगी।
