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US Shutdown: 'गवर्नमेंट शटडाउन' क्या होता है? क्या बंद होने वाली है अमेरिकी सरकार? 10 प्वाइंट में समझे सारा गणित

US Shutdown: अमेरिका में इस वीकेंड आशिंक 'सरकारी शटडाउन' का खतरा पैदा हो गया है। यह मुश्किल ऐसे समय में खड़ी हुई है जब लाखों अमेरिकी क्रिसमस छुट्टियों के सीजन में ट्रेवलिंग प्लान बना रहे हैं। बता दें कि सरकारी शटडाउन तब होता है जब कांग्रेस (संसद) सरकार को अस्थायी या अधिक स्थायी रूप से फंडिंग करने वाला कानून पारित नहीं करती है, और ऐसे बिल पर राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाते हैं।​

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'गवर्नमेंट शटडाउन' क्या होता है?

Photo : iStock

US Shutdown: अमेरिका में इस वीकेंड आशिंक 'सरकारी शटडाउन' का खतरा पैदा हो गया है। यह मुश्किल ऐसे समय में खड़ी हुई है जब लाखों अमेरिकी क्रिसमस छुट्टियों के सीजन में ट्रेवलिंग प्लान बना रहे हैं। दरअसल, प्रतिनिधि सदन ने नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित व्यय विधेयक को अस्वीकार कर दिया है। इससे आंशिक 'सरकारी शटडाउन' की संभावना बढ़ गई है।

विधेयक खारिज

लगभग सभी डेमोक्रेट्स और ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के 38 सदस्यों के विरोध के बाद गुरुवार शाम को इस विधेयक को 174 के मुकाबले 235 मतों से खारिज कर दिया गया।

रिपब्लिकन्स ने इस आधार पर नव-निर्वाचित राष्ट्रपति के प्रस्ताव को अस्वीकार करने का असामान्य कदम उठाया कि इससे 36 ट्रिलियन डॉलर के राष्ट्रीय कर्ज में कई ट्रिलियन डॉलर और जुड़ जाएंगे।

सरकारी शटडाउन का खतरा

रिपब्लिकन के नेतृत्व वाला यह विधेयक सरकारी शटडाउन से बचने की अंतिम कोशिश थी। इससे पहले के खर्च पैकेज को ट्रंप, नव-निर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और टेक्नोलॉजी दिग्गज एलन मस्क के विरोध के कारण अंतिम समय में ही रोक दिया गया था।

बिल के 174 वोटों से 235 के मुकाबले विफल होने के बाद, रिपब्लिकन हाउस के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि वह शुक्रवार को मध्यरात्रि में सरकारी फंडिंग समाप्त होने से पहले एक और समाधान लेकर आएंगे।

क्या होता है सरकारी शटडाउन?

  • सरकारी शटडाउन तब होता है जब कांग्रेस (संसद) सरकार को अस्थायी या अधिक स्थायी रूप से फंडिंग करने वाला कानून पारित नहीं करती है, और ऐसे बिल पर राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाते हैं।
  • यदि कांग्रेस शुक्रवार तक प्रस्ताव या अधिक स्थायी व्यय उपाय को मंजूरी नहीं देती है तो संघीय सरकार 'बंद' हो जाएगी।
  • कांग्रेस ने 30 सितंबर को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार को चालू रखने के लिए एक अस्थायी वित्त पोषण विधेयक पारित किया था। इसकी समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है।
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर शटडाउन होता है तो ऐसा अनुमान है कि 8,75,000 कर्मचारियों को छुट्टी दी जा सकती है। हालांकि 1.4 मिलियन कर्मचारी काम करना जारी रखेंगे क्योंकि उन्हें जरूरी काम का हिस्सा माना जाता है।
  • एफबीआई, बॉर्डर पेट्रोल और कोस्ट गार्ड जैसी जरूरी सरकारी एजेंसियां खुली रहेंगी। परिवहन सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी एयरपोर्ट की चौकियों पर तैनात रहेंगे। अमेरिकी डाक सेवा भी प्रभावित नहीं होगी क्योंकि यह एक स्वतंत्र एजेंसी है।
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  • सैनिक अपनी चौकियों पर रहेंगे, जबकि रक्षा विभाग जैसी एजेंसियों में कई नागरिक कर्मचारियों को घर भेज दिया जाएगा। न्यायालय प्रणाली भी प्रभावित होगी, सिविल कार्यवाही रोक दी जाएगी, वहीं आपराधिक मुकदमे जारी रहेंगे। राष्ट्रीय उद्यान और स्मारक बंद हो जाएंगे।
  • अमेरिकी सरकार के बंद होने से सोशल सिक्योरिटी चेक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर दोनों के लाभार्थियों को उनके लाभ मिलते रहेंगे। डॉक्टरों और अस्पतालों को भी मेडिकेयर और मेडिकेड रीइंबर्समेंट मिलती रहेगी।
  • फेडरल एविएशन प्रशासन और परिवहन सुरक्षा प्रशासन जरूरी सुरक्षा कार्य प्रदान करते हैं और जारी रहेंगे। लेकिन यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और टीएसए अधिकारी बिना वेतन पर होंगे।
  • कांग्रेस की ओर से अंतिम समय में कोई कार्रवाई न किए जाने पर, शनिवार को सुबह 12:01 बजे शटडाउन शुरू हो जाएगा, इसलिए इसका प्रभाव सोमवार तक तुरंत महसूस नहीं किया जाएगा। यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि शटडाउन कितने समय तक चल सकता है, लेकिन अगर यह लागू हुआ तो यह कुछ समय तक जारी रह सकता है।
  • जानकारों का मानना है कि शटडाउन का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। निजी क्षेत्र के प्रभावों को शामिल करने पर यह असर और बढ़ सकता है। शटडाउन से आमतौर पर बाजार पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है।

(इनपुट: आईएएनएस)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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