यरुशलम/नई दिल्ली: बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) एक बार फिर इजराइल (Israel) के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी दलों के गठबंधन ने संसद में बहुमत हासिल कर लिया है। नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गुट ने 120 सदस्यीय संसद में 64 सीट जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। इसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री याइर लापिड ने चुनाव में हार स्वीकार कर ली और विपक्षी नेता बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर चुनावी जीत पर बधाई दी। पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी उन्हें ट्वीट कर बधाई दी।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि माजल तोव मेरे दोस्त @नेतन्याहू आपकी चुनावी सफलता बहुत बहुत बधाई। मैं भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपने संयुक्त प्रयासों को जारी रखने की आशा करता हूं।
इजराइल के लोगों ने देश में राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने के लिए मंगलवार को चार साल में अभूतपूर्व 5वीं बार मतदान किया। केंद्रीय निर्वाचन समिति के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 31 सीट, प्रधानमंत्री याइर लापिड की येश अतीद को 24, रिलीजियस जियोनिज्म को 14, नेशनल यूनिटी को 12, शास को 11 और यूनाइटेड टोरा जुदाइस्म को 8 सीटें प्राप्त हुईं।
नेतन्याहू इजराइल के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने लगातार 12 वर्षों तक और कुल मिलाकर 15 साल तक देश पर शासन किया। उन्हें पिछले साल सत्ता से हटना पड़ा था।
इजराइल में वर्षों तक नेतन्याहू राजनीतिक रूप से अजेय प्रतीत हो रहे थे, लेकिन 2021 में पार्टियों के एक अभूतपूर्व गठबंधन द्वारा सत्ता से बाहर किए जाने के बाद उन्हें एक करारा झटका लगा था। इस गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य उन्हें सत्ता से बाहर करना था। 73 वर्षीय नेतन्याहू पर इजराइल में 2019 में रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लगने के बाद से राजनीतिक गतिरोध चला आ रहा है।
