राष्ट्र के प्रति उनका योगदान महत्वपूर्ण था- खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया शोक
- Authored by: शिशुपाल कुमार
- Updated Dec 30, 2025, 10:56 AM IST
बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने शोक व्यक्त किया है। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में और लोकतंत्र स्थापित करने के संघर्ष में उनकी भूमिका के लिए राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है
खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया शोक (फोटो- SheikhHasinaPage)
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शोक व्यक्त किया है। शेख हसीना ने खालिदा जिया को उनके संघर्षों को लेकर याद किया कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका योगदान महत्वपूर्ण था। शेख हसीना तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश छोड़कर भारत में रह रही हैं। शेख हसीना और खालिदा जिया की राजनीतिक लड़ाई काफी तनाव भरी रही है।
खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया शोक
शेख हसीना ने कहा- बीएनपी की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा ज़िया के निधन पर मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में और लोकतंत्र स्थापित करने के संघर्ष में उनकी भूमिका के लिए राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनका निधन बांग्लादेश के राजनीतिक जीवन और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी क्षति है। मैं अल्लाह से प्रार्थना करता हूं कि बेगम खालिदा ज़िया की आत्मा को शांति और माफी प्रदान करें। मैं उनके पुत्र तारिक रहमान और शोक संतप्त परिवार के सभी सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएँ प्रेषित करता हूँ। साथ ही बीएनपी परिवार के सभी सदस्यों के प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। अल्लाह उन्हें इस कठिन समय का सामना करने के लिए सब्र, शक्ति और हिम्मत प्रदान करे।"
खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। जिया ने देश में उथल-पुथल भरे सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और दशकों तक देश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखा था। जिया के बड़े बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारीक रहमान ने कहा, “ मेरी मां अब हमारे बीच नहीं रहीं।”
जिया बीएनपी की अध्यक्ष थीं। जिया के निजी चिकित्सक डॉ. एजेडएम जाहिद हुसैन ने बताया कि ढाका के ‘एवरकेयर’ अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। जिया तीन बार प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष भी रह चुकी थीं। बीएनपी अधिकारियों ने बताया कि जिया के जनाजे की नमाज बुधवार को संसद परिसर के सामने ढाका मानिक मियां एवेन्यू में होने की उम्मीद है। जिया के परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद थे, जिनमें उनके बड़े बेटे तारीक रहमान, उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और उनकी बेटी जैमा शामिल हैं।