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क्यों हुई थी उस्मान हादी की हत्या? जिससे हुई हिंदुओं के कत्लेआम की शुरुआत! बांग्लादेश पुलिस ने चार्जशीट में किया खुलासा

Why Osman Hadi Killed: भारत विरोधी कट्टरपंथी उस्मान हादी की हत्या के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बता दिया है कि छात्र नेता की हत्या क्यों की गई थी। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं।

भारत विरोधी उस्मान हादी की हत्या का खुलासा।

भारत विरोधी उस्मान हादी की हत्या का खुलासा।

शेख हसीना को पद से अपदस्थ करने के बाद और मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार बनने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खास तौर पर हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। उनके खिलाफ हिंसा और हत्याओं को लेकर कई विरोधाभासी रिपोर्ट्स और चिंताएं सामने आई हैं। हद तो तब हो गई जब 12 दिसंबर को उस्मान हादी पर हमला हुआ और 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इसके बाद वहां व्यापक पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। तब से अब तक बर्बर तरीके से छह हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इतना ही नहीं अन्य हिंदुओ के खिलाफ भी हिंसक हमले लगातार जारी हैं। इस बीच, बांग्लादेश पुलिस ने हादी की हत्या को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ढाका महानगर पुलिस (डीएमपी) की डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने बताया है कि हादी की हत्या राजनीतिक प्रतिशोध के चलते की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि हत्या के मामले में दाखिल चार्जशीट में 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

जार्चशीट में बड़ा खुलासा

बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या अवामी लीग के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध के कारण हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ औपचारिक आरोप दायर किए हैं।ढाका महानगर पुलिस (डीएमपी) की डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने बताया कि हादी ने सार्वजनिक रैलियों और सोशल मीडिया के माध्यम से अब प्रतिबंधित अवामी लीग और छात्र लीग की गतिविधियों की कड़ी आलोचना की थी। हादी की मुखर टिप्पणियों से छात्र लीग और उससे संबद्ध समूहों के नेता और कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। जिसके कारण हादी की हत्या की गई।

और क्या क्या बताया

हादी हत्याकांड में अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने के बाद ढाका में एक प्रेस ब्रीफिंग में इस्लाम ने कहा कि आरोपियों की राजनीतिक पहचान और पीड़ित के पूर्व राजनीतिक बयानों को ध्यान में रखते हुए, जांच से पता चला है कि हादी की हत्या राजनीतिक प्रतिशोध के कारण की गई थी। मामले में मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद समेत 17 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। इन17 आरोपियों में से 12 को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पांच अभी भी फरार हैं।

तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के कहने पर की गई थी हत्या

इस्लाम ने कहा कि कथित शूटर मसूद का छात्र लीग से सीधा संबंध था। उन्होंने बताया कि एक अन्य आरोपी, तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी, जिसने कथित तौर पर हत्या के बाद मसूद और आलमगीर शेख, एक अन्य मुख्य संदिग्ध, को भागने में मदद की थी, पल्लबी थाना छात्र लीग का अध्यक्ष और अवामी लीग द्वारा मनोनीत वार्ड पार्षद था। हादी की हत्या बप्पी के निर्देश पर की गई थी। छात्र लीग अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी का छात्र संगठन है।

हसीना की सरकार गिराने में थी बड़ी भूमिका

इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी ने जुलाई-अगस्त 2024 के जन विरोध प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता हासिल कर चुके थे। जिसके कारण हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान उनकी सिर में गोली मार दी गई थी। वह आगामी 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में भी उम्मीदवार थे। हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, लेकिन 18 दिसंबर को उनका निधन हो गया।

हांगीर आलम चौधरी ने कल ये कहा था

सोमवार को गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने सचिवालय में कानून और व्यवस्था संबंधी सलाहकार परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया था कि हादी हत्याकांड में अंतिम आरोपपत्र 7 जनवरी को दाखिल किया जाएगा। पुलिस ने ढाका में इंकलाब मंचो द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक दिन पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया, जो इस हत्या के लिए न्याय की मांग कर रहा है। इस्लाम ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के दौरान साबित हो गए, जिसके बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया।

हादी की मौत के बाद ढाका में भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। प्रोथोम आलो और द डेली स्टार अखबारों के मुख्य कार्यालयों और ढाका में स्थित दो प्रगतिशील सांस्कृतिक समूहों छायानात और उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालयों में आग लगा दी। तब से वहां लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। बीते 18 दिनों में वहां छह हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इसके अलावा, कई अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले, आगजनी जैसे हमले जारी हैं। बीते शनिवार को बांग्लादेश में 40 साल की एक हिंदू विधवा के साथ कट्टरपंथियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं दुष्कर्म के बाद पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए गए। और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर वायरल किया गया।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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