Ban on Awami League : मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया। अंतरिम सरकार ने कहा कि अवामी लीग पर यह प्रतिबंध आतंक-विरोधी कानून के तहत लगाया जा रहा है। प्रतिबंध से जुड़ा यह आदेश अगले कार्यदिवस पर जारी होगा।
सुनवाई पूरी होने तक लागू रहेगा प्रतिबंध
बयान में कहा गया कि यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक अवामी लीग और उसके नेताओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में चल रही सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, ताकि देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा की जा सके। सरकार ने यह भी कहा कि यह फैसला 2024 के जुलाई में हुए आंदोलन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इसके अलावा, यह फैसला अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में मुकदमा चलाने वाले शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा के लिए भी लिया गया है।
गत 5 अगस्त को हुआ हसीना का तख्तापलट
यूनुस की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईसीटीकानून में भी बदलाव किया गया, जिससे अब किसी भी राजनीतिक पार्टी और उसके संगठनों पर मुकदमा चलाया जा सकता है। बता दें कि बीते पांच अगस्त को उपद्रवियों एवं चरमपंथियों ने बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्ता पलट कर दिया। हिंसा से बचने के लिए हसीना ने भारत में शरण ली। आठ अगस्त को मो. यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। यूनुस सरकार भारत से कई बार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है।
हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा
बांग्लादेश में यूनुस के कार्यकाल में हिंदू सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ बडे़ पैमाने पर हिंसा हुई। हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इस हिंसा के खिलाफ दुनिया भर में आक्रोश देखने को मिला। भारत ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा और बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
