दुनिया

'स्मार्टफोन के दौर में लाउडस्पीकर क्यों?' ऑस्ट्रेलिया में मस्जिद की नई मांग पर क्यों भड़के स्थानीय लोग

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित प्रसिद्ध लाकेम्बा मस्जिद (Lakemba Mosque) ने अपने 20 मीटर ऊंचे मीनार पर चार बड़े लाउडस्पीकर लगाने और आस-पास के आवासीय उपनगरों में अज़ान प्रसारित करने की मांग को लेकर प्रशासन पर एक बार फिर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। मस्जिद प्रशासन की इस कोशिश का स्थानीय निवासियों और आलोचकों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। इससे पहले भी ऐसा ही एक प्रस्ताव खारिज किया जा चुका है, जहाँ जनता से मिले 329 फीडबैक में से 328 लोगों ने इसके खिलाफ वोट किया था।

Image

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित प्रसिद्ध लाकेम्बा मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद। istock

Photo : iStock

Australia Masjid Loudspeaker Row: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित प्रसिद्ध लाकेम्बा मस्जिद (Lakemba Mosque) ने अपने 20 मीटर ऊंचे मीनार पर चार बड़े लाउडस्पीकर लगाने की मांग को लेकर प्रशासन पर एक बार फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। मस्जिद प्रशासन की इस कोशिश के बाद से स्थानीय निवासियों और आलोचकों के बीच बहस और तनाव का माहौल है।

मस्जिद प्रशासन की योजना इन शक्तिशाली लाउडस्पीकर्स के जरिए आस-पास के सभी आवासीय उपनगरों में लाउडस्पीकर पर अजान प्रसारित करने की है। प्रशासन का तर्क है कि इससे श्रद्धालुओं को नमाज के समय की जानकारी मिल सकेगी, लेकिन स्थानीय लोग इस योजना से असहमत नजर आ रहे हैं।

329 में से 328 लोग थे खिलाफ

लाकेम्बा मस्जिद का लाउडस्पीकर लगाने का यह कोई पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी मस्जिद द्वारा ऐसा ही एक आवेदन दिया गया था, जिसे भारी विरोध के बाद खारिज कर दिया गया था। पिछले रिकॉर्ड के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर जनता से प्राप्त कुल 329 आवेदनों (फीडबैक) में से 328 लोगों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा था।

'सेक्युलर देश में यह अनुचित': स्थानीय लोगों का तर्क

इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे आलोचकों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया एक धर्मनिरपेक्ष (Secular) पश्चिमी देश है। ऐसे में स्कूलों, पब्लिक पार्कों और पारिवारिक घरों के ऊपर इस तरह से लाउडस्पीकर का उपयोग करके सार्वजनिक रूप से धार्मिक प्रसारण करना पूरी तरह से अनुचित और गलत है। इससे लोगों की निजी शांति भंग होगी।

'स्मार्टफोन के दौर में लाउडस्पीकर की क्या जरूरत?'

स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने तकनीक का हवाला देते हुए एक मजबूत विकल्प सामने रखा है। उनका कहना है कि आज के आधुनिक और उन्नत डिजिटल युग में जब तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है, तो हर किसी के पास मोबाइल फोन है। श्रद्धालु स्मार्टफोन और विभिन्न इस्लामिक ऐप्स के जरिए निजी तौर पर भी प्रार्थना (नमाज) के समय का अलर्ट या रिमाइंडर पा सकते हैं। इसके लिए पूरे इलाके में सार्वजनिक रूप से लाउडस्पीकर बजाने की कोई तार्किक आवश्यकता नहीं है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article