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म्यांमार में बौद्ध समुदाय पर बड़ा हमला, प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पैरामोटर से गिराए बम, कम से कम 24 की मौत

निर्वासित नेशनल यूनिटी गवर्न्मेंट के एक प्रवक्ता ने बीबीसी बर्मा को बताया कि सैन्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पर पैरामोटर से बम गिराए गए। रिपोर्ट में एंटी-जुंटा पीपल्स डिफेंस फोर्स के हवाले से कहा गया है कि सोमवार शाम बौद्ध उत्सव के लिए चौंग यू टाउनशिप में करीब 100 लोग एकत्र हुए थे तभी मोटर पैराग्लाइडर से उन पर दो बम गिराए गए।

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म्यांमार में बौद्ध समुदाय पर हमला। तस्वीर-प्रतीकात्मक, PTI

Photo : PTI

Myanmar News: म्यांमार में प्रदर्शन कर लोगों पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है। निर्वासित नेशनल यूनिटी गवर्न्मेंट के एक प्रवक्ता ने बीबीसी बर्मा को बताया कि सैन्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पर पैरामोटर से बम गिराए गए। रिपोर्ट में एंटी-जुंटा पीपल्स डिफेंस फोर्स के हवाले से कहा गया है कि सोमवार शाम बौद्ध उत्सव के लिए चौंग यू टाउनशिप में करीब 100 लोग एकत्र हुए थे तभी मोटर पैराग्लाइडर से उन पर दो बम गिराए गए।

गृह युद्ध से जूझ रहा है म्यांमार

2021 में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा किए जाने के बाद से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों विस्थापित हो गए हैं। इस तख्तापलट ने सशस्त्र प्रतिरोध समूहों और जातीय मिलिशियाओं के साथ एक गृह युद्ध को जन्म दिया। देश के आधे से अधिक हिस्से पर नियंत्रण खोने के बाद, अब सेना फिर से जमीन हासिल कर रही है।

'संभावित हवाई हमले की सूचना मिली थी'

सोमवार को जिस टाउनशिप पर हमला हुआ, वह सगाइंग क्षेत्र में स्थित है, जो युद्ध का एक प्रमुख मोर्चा रहा है। इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर वे स्वयंसेवी मिलिशियाए नियंत्रण रखती हैं, जो तख्तापलट के बाद सैन्य सरकार या जुंटा के खिलाफ लड़ने के लिए बनाई गई थीं। इन समूहों को 'पीपल्स डिफेंस फोर्स' (PDF) कहा जाता है, जो स्थानीय प्रशासन भी चलाते हैं। स्थानीय PDF के एक अधिकारी ने BBC बर्मीज को बताया कि उन्हें सोमवार की सभा के दौरान संभावित हवाई हमले की सूचना मिली थी।

शवों की पहचान करना बेहद कठिन था

लोगों ने प्रदर्शन जल्द खत्म करने की कोशिश की, लेकिन पैरामोटर उम्मीद से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि विस्फोट में उनके पैर में चोट आई, लेकिन उनके पास खड़े कुछ लोग मारे गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के बाद शवों की पहचान करना बेहद कठिन था।इस कार्यक्रम के आयोजन में मदद करने वाली एक महिला ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि वह मौके पर मौजूद नहीं थीं, लेकिन मंगलवार को अंतिम संस्कार में शामिल हुईं और बताया कि वे अभी भी 'शरीर के हिस्से इकट्ठा कर रहे हैं।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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