ASEAN India Summit 2023: भारत-आशियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने जकार्ता पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत हुआ है। स्वागत से उत्साहित पीएम मोदी ने भी इंडोनेशिया और आसियान के साथ भारत के मजबूत रिश्ते का जिक्र किया। गुरुवार को शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि हमारा इतिहास और भूगोल भारत और आसियान देशों को एक सूत्र में बांधता है।
एक्ट इस्ट पॉलिसी का मुख्य स्तंभ है आसियान-पीएम
उन्होंने कहा, 'इसके साथ ही हमारे साझा हित, क्षेत्रीय अखंडता एवं बहुध्रुवीय दुनिया, समृद्धि एवं शांति के बारे में हमारा साझा विश्वास हमें एकजुट करता है। आसियान भारत की एक्ट इस्ट पॉलिसी का मुख्य स्तंभ है। नई दिल्ली, आसियान-भारत एवं हिंद-प्रशांत के बारे में नजरिए का समर्थन करती है।'
'समिट की सह-अध्यक्षता करना सम्मान की बात'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान-भारत समिट की सह-अध्यक्षता करना उनके लिए सम्मान की बात है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सम्मेलन का आयोजन करने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि हमारी साझेदारी चौथे दशक में पहुंच गई है। समिट की सह-अध्यक्षता करना उनके लिए सम्मान की बात है। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन करने के लिए वह राष्ट्रपति विडोडो को धन्यवाद देते हैं।
रणनीतिक साझेदारी ने नई ऊर्जा का संचार किया-पीएम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आसियान से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए जकार्ता पहुंच गए। यह अहम क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर आसियान और ईएएस के नेताओं के साथ जुड़ने का अवसर है।’ जकार्ता के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने बयान में ‘आसियान’ के साथ जुड़ाव को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक ‘महत्वपूर्ण स्तंभ’ करार दिया और कहा कि पिछले वर्ष हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने दोनों पक्षों के संबंधों में नयी ऊर्जा का संचार किया है।
गुरुवार शाम दिल्ली लौट आएंगे पीएम
इंडोनेशिया, ‘आसियान’ (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। आसियान को क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है और भारत तथा अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके संवाद भागीदार हैं। बैठक के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समयानुसार पूर्वाह्न 11 बजकर 45 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना होंगे और बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजकर 45 मिनट पर दिल्ली पहुंचेंगे। अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ बैठक भी शामिल है।
