10 बच्चे पैदा करो और 13 लाख रुपये पाओ- पुतिन का ऐलान, मिलेगा 'मदर हीरोइन' का तमगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 18, 2022, 06:40 PM IST

इस नियम के अनुसार रूस में वो माएं भी इस इनाम की हकदार होंगी जिनके बच्चे किसी आपातकालीन स्थिति में खो गए हों या फिर युद्ध में मारे गए हों।

10 बच्चे पैदा करो और 13 लाख रुपये पाओ- पुतिन का ऐलान, मिलेगा 'मदर हीरोइन' का तमगा
Photo Credit: PTI

रूस भले ही क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है, लेकिन वहां की आबादी लगातार घट रही है। कोरोना और यूक्रेन से युद्ध के कारण इसमें और कमी देखी गई है, इसलिए रूस दूसरे विश्व युद्ध के दौरान की एक योजना को फिर से लागू करने जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इससे संबंधित आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।

क्या है योजना

इस योजना के अनुसार रूस की उन महिलाओं को अवॉर्ड दिया जाएगा जिन्होंने 10 या उससे अधिक बच्चे पैदा किए हों या जो पैदा करेंगी। रूस की सरकार उन्हें 'मदर हीरोइन' की उपाधि देगी। इस उपाधि के साथ ही 10 लाख रुबल यानि कि 13 लाख रुपये भी महिला को दिए जाएंगे। 

कब मिलेगी ये रकम

इनाम की यह राशि एक साथ तब उन महिलाओं को मिलेगी, जब उनका 10वां बच्चा एक साल का हो जाएगा। यह पूरी रकम एक मुश्त महिला के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। अगर कोई बच्चा जन्म के बाद खो जाता है या फिर मर जाता है, तब भी मां को पूरे पैसे मिलेंगे।

द्वितीय विश्वयुद्ध के समय की योजना

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर रूस ने अपने लोगों को जंग में खो दिया था। उस समय तब पहली बार यह योजना 1944 में सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन द्वारा पेश की गई थी। 1991 में शीत युद्ध के बाद जब सोवियत संघ का पतन हुआ तो इस योजना को बंद कर दिया गया। 

अब क्यों जरूरत हुई महसूस

रूस की जनसंख्या कई दशकों से लगातार गिर रही है। 2021 के बाद से, कोरोना महामारी के दौरान रूस की जनसंख्या में गिरावट की दर लगभग दोगुनी हो गई है। 2022 की शुरुआत में रूस की जनसंख्या में लगभग 400,000 की गिरावट आई है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि यूक्रेन युद्ध में रूस अपने 50 हजार से अधिक लोगों को खो चुका है।

बता दें कि पिछले कई सालों से रूस अपनी जनसंख्या को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वो असफल ही रहा है। रूस की चिंता है कि जनसंख्या कम होने से उसके पास सेना और कार्यबल दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ेंगे। 

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