Putin Surgery: 'पेट के कैंसर' से पीड़ित पुतिन सर्जरी के लिए हुए तैयार, इस भरोसेमंद शख्स के हाथों सौंपेंगे देश की कमान!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 2, 2022, 09:45 PM IST

Putin may have cancer surgery: लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन से युद्ध पर नियंत्रण छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं क्योंकि वह कैंसर सर्जरी के लिए तैयार हो गए हैं। 

Putin Surgery: 'पेट के कैंसर' से पीड़ित पुतिन सर्जरी के लिए हुए तैयार, इस भरोसेमंद शख्स के हाथों सौंपेंगे देश की कमान!

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) को संभवत: यूक्रेन पर हमले की बागडोर किसी और को सौंपनी पड़ सकती है। डेली मेल की रिपोर्ट में टेलीग्राम के प्रसिद्ध चैनल जनरल एसवीआर के हवाले से कहा गया है कि पुतिन पेट के कैंसर से पीड़ित हैं और वह इसकी सर्जरी कराने के लिये तैयार भी हो गये हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन कुछ दिनों के लिये यूक्रेन पर हमले की कमान 70 साल के निकोलाई पत्रुशेव को सौंप सकते हैं।

जनरल एसवीआर ने रूस के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से यह भी कहा है कि पुतिन पार्किसंस और स्किजोफ्रेनिया से भी पीड़ित हैं। रूस ने आधिकारिक रूप से पुतिन के किसी भी बीमारी से पीड़ित होने की घोषणा नहीं की है।ऐसा माना जाता है कि पुतिन जिन निकोलाई को यूक्रेन युद्ध की कमान सौंप सकते हैं, उन्होंने ही पुतिन को यह बताया कि यूक्रेन नाजी समर्थकों का अड्डा बन गया है।

सर्जरी अप्रैल के मध्य में होनी थी मगर यूक्रेन युद्ध के कारण टाल दिया गया

पत्रुशेव को कमान सौंपना रूस के संविधान के अनुसार उचित नहीं है क्योंकि वहां सत्ता का हस्तांतरण सिर्फ प्रधानमंत्री को किया जा सकता है।जनरल एसवीआर के मुताबिक पुतिन को 18 माह पहले ही इन बीमारियों का पता चला था। पहले यह सर्जरी अप्रैल के मध्य में होनी थी लेकिन इसे यूक्रेन युद्ध के कारण टाल दिया गया।

अब यह सर्जरी नौ मई के पहले नहीं होगी क्योंकि उस दिन रूस में विजय दिवस मनाया जाता है। जनरल एसवीआर के अनुसार, रूस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह भी कहा है कि पुतिन ने खुद ही कैंसर की सर्जरी कराने की बात की है।

कौन हैं पुतिन के भरोसेमंद निकोलाई पत्रुशेव 

निकोलाई एफएसबी के प्रमुख रह चुके हैं और फिलहाल रूस की सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी हैं।निकोलाई को अब तक रूस यूक्रेन युद्ध की रणनीति के एक प्रमुख वास्तुकार के रूप में देखा जाता है, बताते हैं कि उन्होंने ही पुतिन को आश्वस्त किया था कि कीव नव-नाज़ियों से भरा हुआ है, जो अपने देश रूस के खिलाफ लगातार षडयंत्र कर रहे हैं। 

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