'अच्‍छे-बुरे तालिबान' के फेर में अब तक उलझा पाकिस्‍तान, इमरान के मंत्री बोले- हमें पता है कौन अच्छा, कौन बुरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 3, 2021, 02:33 PM IST

पाकिस्‍तान में सरकार और आतंकवादी समूह TTP के बीच बातचीत की जानकारी सामने आते ही लोगों में गुस्‍सा भड़क गया है। इस बीच इमरान सरकार एक बार फिर अच्‍छे-बुरे तालिबान के फेर में उलझी नजर आ रही है।

'अच्‍छे-बुरे तालिबान' के फेर में अब तक उलझा पाकिस्‍तान, इमरान के मंत्री बोले- हमें पता है कौन अच्छा, कौन बुरा

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने 'सुलह' के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ बातचीत करने के सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा कि बातचीत 'अच्छे तालिबान' के लिए है।

राशिद की टिप्पणी तुर्की सरकार के स्वामित्व वाले टीआरटी वर्ल्ड न्यूज चैनल के साथ एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा खुलासा किए जाने के बाद आई है कि उनकी सरकार अफगानिस्तान में तालिबान की मदद से टीटीपी के साथ बातचीत कर रही है जिसकी नेताओं और आतंकवाद के पीड़ितों ने आलोचना की है। टीटीपी, जिसे आमतौर पर पाकिस्तानी तालिबान के रूप में जाना जाता है, अफगान-पाकिस्तान सीमा से गतिविधियां चलाने वाला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। 

'बातचीत की पेशकश बस अच्छे तालिबान के लिए'

'डॉन' समाचार-पत्र ने खबर दी कि सरकार के कदम का बचाव करते हुए, मंत्री ने कहा कि पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) में दिसंबर 2014 में नरसंहार सहित देश में रक्तपात के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों के लिए बातचीत का प्रस्ताव नहीं था, जिसमें 150 से अधिक लोग मारे गए थे।

उन्होंने कहा, “हमें बहुत अच्छे से पता है कि कौन अच्छा है और कौन बुरा। अगर किसी को भी लगता है कि हमें इसकी जानकारी नहीं है, तो यह उसकी गलतफहमी है, उसे समझ नहीं है।' राशिद ने कहा कि बातचीत की पेशकश केवल 'अच्छे तालिबान' के लिए थी और इस पर बातचीत 'उच्चतम स्तर' पर हो रही थी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण जीवन अपनाने के लिए आत्मसमर्पण करने वालों से लड़ना उचित नहीं है।

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