अल-जवाहिरी: लादेन के बाद संभाली थी अलकायदा की कमान, अरबी और फ्रेंच बोलने में था माहिर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2022, 07:47 AM IST

Ayman Al-Zawahiri: जवाहिरी 2001 में अमेरिकी सरकार द्वारा घोषित 22 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में ओसामा बिन लादेन के बाद दूसरे नंबर पर था और उसके सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम था।

अल-जवाहिरी: लादेन के बाद संभाली थी अलकायदा की कमान, अरबी और फ्रेंच बोलने में था माहिर
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Ayman Al-Zawahiri: अमेरिका ने अलकायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी को अफगानिस्तान में सीआईए के ड्रोन हमले में मारा गिराया है। अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया अयमान अल-जवाहिरी को अलकायदा के मुख्य विचारक के रूप में जाना जाता था। मई 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद जवाहिरी ने अलकायदा का नेतृत्व संभाला। इससे पहले जवाहिरी को बिन लादेन का दाहिना हाथ माना जाता था और कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​​​था कि अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के हमलों के पीछे जवाहिरी का ही ऑपरेशनल दिमाग था।

मिस्र के एक अमीर परिवार में हुआ था जवाहिरी का जन्म

जवाहिरी का जन्म 19 जून 1957 को मिस्र के एक अमीर परिवार में हुआ था। जवाहिरी स्कूल में रहते हुए ही राजनीतिक इस्लाम में शामिल हो गया। 15 साल की उम्र में मिस्र के सबसे पुराने और सबसे बड़े इस्लामी संगठन का सदस्य होने के कारण उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पेशे से आई सर्जन जवाहिरी अरबी और फ्रेंच बोलना भी जानता था। 

जवाहिरी ने शुरू में पारिवारिक परंपरा को जारी रखा और काहिरा के एक उपनगर में एक मेडिकल क्लिनिक शुरू किया, लेकिन जल्द ही जवाहिरी कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के प्रति आकर्षित हो गया, जो मिस्र की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान कर रहे थे। साल 1973 में जब मिस्र के इस्लामिक जिहाद की स्थापना हुई, तो वह इसमें शामिल हो गया। जवाहिरी ने 1993 में फिर से उभरने के बाद मिस्र के इस्लामिक जिहाद का नेतृत्व संभाला और प्रधानमंत्री आतिफ सिद्दी समेत मिस्र के सरकार के मंत्रियों पर समूह द्वारा कई हमलों के पीछे एक प्रमुख व्यक्ति था।

जवाहिरी ने 2001 में इजिप्टियन इस्लामिक जिहाद का अलकायदा में किया था विलय

साल  2001 में जवाहिरी ने इजिप्टियन इस्लामिक जिहाद का अलकायदा में विलय कर दिया। जवाहिरी 2001 में अमेरिकी सरकार द्वारा घोषित 22 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में ओसामा बिन लादेन के बाद दूसरे नंबर पर था और उसके सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम था। हाल के कई सालों में जवाहिरी अलकायदा के सबसे प्रमुख प्रवक्ता के रूप में उभरा। 

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