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Sri Lanka जैसे Pakistan के हालात: कोरमा, कोक, भिंडी और मोर लूट ले गई पब्लिक, दो प्रांतों में सेना तैनात

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 10, 2023, 05:43 PM IST

Imran Khan Arrest: पाकिस्तान में धीरे-धीरे हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पाकिस्तान की सड़कों पर आगजनी, आसमान में उठता धुआं और तोड़फोड़ से हालात खौफजदा करने वाले हैं। इस बीच पंजाब प्रांत में उग्र प्रदर्शन को खत्म करने के लिए सेना को बुलाना पड़ा है। खैबर पख्तूनख्वा में भी स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना को तैनात करने का फैसला लिया गया है।

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पाकिस्तान के दो जगहों पर सेना तैनात

Photo : AP

Imran Khan Arrest: क्रिकेटर से राजनेता और फिर प्रधानमंत्री रह चुके इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान के हालात तनावपूर्ण हैं। यहां जनता मंगलवार से सड़क पर उतरी हुई है और हिंसक प्रदर्शन जारी है। बीते दिन से पाकिस्तान की सड़कों पर आगजनी, आसमान में उठता धुआं और तोड़फोड़ से हालात खौफजदा करने वाले हैं। इस बीच पाकिस्तान से सामने आ रही तस्वीरों ने बीते साल पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में राजनीतिक उथल-पुथल की याद दिला दी है।

दरअसल, श्रीलंका में बीते साल राजपक्षे सरकार के खिलाफ जनता सड़क पर उतर आई थी। यहां तोड़फोड़ और आगजनी के बाद पब्लिक श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन तक में घुस गई थी और सामान भी लूट ले गई थी। कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आई थीं, जिसमें श्रीलंका की जनता को राष्ट्रपति भवन में ही खाना बनाते हुए देखा गया था। अब ऐसे ही कुछ हालात पाकिस्तान से भी सामने आए हैं

लाहौर कोर कमांडर के फ्रिज पर जनता का डाका

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को ही पीटीआई के समर्थक सड़क पर उतर आए। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन भी जारी हो गए। इस बीच कई वीडियो सामने आए, जिसमें से एक में इमरान समर्थकों को लाहौर आर्मी कोर कमांडर के घर में पब्लिक घुसती हुई दिखाई दे रही है। इस दौरान जनता ने उनके घर में जबरदस्त तोड़फोड़ मचाई और सामान भी लूट ले गए। सामने आई तस्वीरों में दिख रहा है कि आर्मी कोर कमांडर के घर के फ्रिज से कोरमा, कोक, भिंडी भी लोग उठा ले गए। इतना ही नहीं एक वीडियो में एक व्यक्ति मोर भी ले जाता हुआ दिखा।

इतिहास में पहली बार ऐसा नजारा

पाकिस्तान में पहली बार ऐसा नजारा देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि किसी पूर्व प्रधानमंत्री की इस तरह नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी और जनता द्वारा सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जाना, पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार है। अब तक हुए प्रदर्शन में चार पीटीआई समर्थकों की मौत की खबर है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आठ मौतों की बात कही गई है। पुलिस ने पीटीआई के बड़े नेता असद उमर के साथ हजारों समर्थकों को गिरफ्तार किया है। वहीं हिंसक प्रदर्शन में 130 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

आर्मी के हाथ में कमान

पाकिस्तान में धीरे-धीरे हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। आलम यह है कि पूरे देश में धारा 144 लागू कर दी गई है, साथ ही इंटरनेट सेवा भी बंद है। इस बीच पंजाब प्रांत में उग्र प्रदर्शन को खत्म करने के लिए सेना को बुलाना पड़ा है। गृह मंत्रालय ने सेना की दस कंपनियों को यहां तैनात किया है। वहीं टीआरटी वर्ल्ड के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा में भी स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना को तैनात करने का फैसला लिया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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