8th Pay Commission Updates : केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले साल 3 नवंबर 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के गठन को औपचारिक मंजूरी दी गई थी। इसके तहत करीब 55 लाख सेवारत कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों की समीक्षा की जा रही है। वेतन आयोग इन दिनों देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर रहा है और विभिन्न कर्मचारी संघों व यूनियनों की मांगों के ज्ञापन पर विचार कर रहा है।
दिल्ली समेत इन शहरों में होने वाली हैं महत्वपूर्ण बैठकें
केंद्रीय वेतन आयोग अपनी क्षेत्रीय बैठकों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब देश के प्रमुख शहरों में बैठकें करने जा रहा है। आयोग द्वारा आगामी बैठकों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसमें दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी शामिल हैं:-
- दिल्ली: 7 और 10 अगस्त 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 31 जुलाई)
- चेन्नई: 7 और 8 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त)
- पुडुचेरी: 9 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त)
इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारी महासंघ, संगठन और यूनियनें अपनी मांगें आयोग के सामने रखेंगी। उम्मीद की जा रही है कि आयोग अपने गठन (नवंबर 2025) के 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंप देगा।
जुलाई डीए (Dearness Allowance) पर ताजा अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में साल में दो बार संशोधन किया जाता है। इससे पहले, जनवरी 2026 के लिए डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद 18 अप्रैल 2026 को कुल डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था।
पेंशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, जुलाई के लिए डीए आमतौर पर सितंबर महीने में घोषित किया जाता है, हालांकि कभी-कभी इसमें अक्टूबर तक की देरी भी हो जाती है। जुलाई 2026 के लिए डीए की सटीक दर लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले मई और जून 2026 के AICPI-IW (औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग का गठन
दूसरी ओर, राज्यों के स्तर पर भी वेतन आयोगों के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने 22 जुलाई 2026 को राज्य के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग (7th State Pay Commission) का गठन कर दिया है। इसके लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी तय कर दिए गए हैं, जो कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करेंगे। पश्चिम बंगाल के सातवें वेतन आयोग के अध्यक्ष पद पर आर्थिक मामलों के विभाग और वित्त मंत्रालय के पूर्व सचिव अतानु चक्रवर्ती (IAS, रिटायर्ड, 1985 बैच) को नियुक्त किया गया है। आयोग को अपने गठन की तारीख से छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसका मुख्यालय कोलकाता में बनाया गया है।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद कर्मचारी श्रेणियों (भाग ए और भाग बी) के लिए पे मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर, वित्तीय प्रभाव और कार्यान्वयन योजना का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद विस्तृत सरकारी आदेश जारी होंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सत्ता में आने के बाद मई 2026 में राज्य के सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, हाल ही में बंगाल सरकार ने डीए और डीआर में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिससे राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का कुल डीए और डीआर बढ़कर मूल वेतन का 38 प्रतिशत हो गया है।
