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एक टेबल पर होंगे चीन और अमेरिका! PM Modi के US Tour से पहले ब्लिकंन पहुंचे बीजिंग

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 18, 2023, 08:25 AM IST

Antony Blinken China visit: अमेरिका और चीन के बीच तनाव के चलते ब्लिंकन का यह दौरा कई महीनों बाद शुरू हुआ है। पहले ब्लिंकन को इसी साल फरवरी में बीजिंग दौरे पर जाना था, लेकिन अमेरिकी आसमान में चीनी गुब्बारे देखे जाने के बाद यह दौरा रद्द कर दिया गया था।

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एंटनी ब्लिंकन पहुंचे बीजिंग

Photo : ANI

Antony Blinken China visit: अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अपनी दो दिवसीय यात्रा पर रविवार सुबह चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। ब्लिंकन की चीन यात्रा सिर्फ अमेरिका और बीजिंग के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश मिलकर तनाव को कम करेंगे और कूटनीतिक संबंधों को फिर से बहाल करने पर जोर देंगे। 2018 के बाद ब्लिंकन, अमेरिका के ऐसे पहले विदेश मंत्री हैं, जो चीन पहुंचे हैं। इसलिए उनकी इस यात्रा को लेकर चीन के साथ अमेरिकी अधिकारी भी उत्साहित हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव के चलते ब्लिंकन का यह दौरा कई महीनों बाद शुरू हुआ है। पहले ब्लिंकन को इसी साल फरवरी में बीजिंग दौरे पर जाना था, लेकिन अमेरिकी आसमान में चीनी गुब्बारे देखे जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खट्टास आ गई और अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह दौरा रद्द कर दिया था।

ताइवान और यूक्रेन संघर्ष पर हो सकती है बातचीत

ब्लिंकन की इस ऐतिहासिक यात्रा पर व्हाइट हाउस के साथ अमेरिकी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इससे अमेरिका और चीन के बीच फिर से कूटनीति रिश्ते बहाल हो सकते हैं। बता दें, दो दिवसीय यात्रा के दौरान चीन के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बैठक की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि चीन और अमेरिका ताइवान मुद्दे पर भी बात कर सकते हैं। हालांकि, इस यात्रा से पहले चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने ब्लिंकन के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान चेतावनी दी थी कि उन्हें ताइवान पर बीजिंग की स्थिति को सम्मान से देखना चाहिए और चीन के आंतरिक मामलों में दखन देना बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा दोनों देशों के बीच यूक्रेन संघर्ष पर भी बात हो सकती है। दरअसल, अमेरिका ने स्पष्ट तौर पर चीन को रूस की मदद के लिए धमकी दी थी। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि ब्लिंकेन की यात्रा अमेरिका और चीनी अधिकारियों के बीच बैठकों की एक श्रृंखला को खोल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी उनकी बातचीत शामिल है।

PM Modi की यात्रा से पहले ब्लिंकन पहुंचे चीन

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की चीन यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब 21 जून को प्रधानमंत्री मोदी भी अमेरिका दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरे से पहले अमेरिका व चीन आपस में संबंधों को सुधारना चाहते हैं। हाालंकि, पीएम मोदी के दौरे से पहले यह बातचीत कई मायनों में महत्वपूर्ण है। दरअसल, चीन के मुकाबले के लिए अमेरिका हमेशा भारत का समर्थन करता आया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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