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मिडिल ईस्ट में एक और जंग! अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के बीच ईरान की चेतावनी, कहा- ट्रिगर पर है उंगली

ईरान की अर्धसैनिक शक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने शनिवार को अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी फोर्स पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है।

US on Iran

मिडिल ईस्ट में शुरू हो सकती है एक और जंग (फाइल फोटो: Facebook)

मध्य पूर्व में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती के ट्रंप के बयान के बाद तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने खुले तौर पर ट्रंप को धमकी दी है कि किसी भी तरह के हमले को युद्ध माना जाएगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने शनिवार को कहा है कि ईरान पहले से भी ज्यादा तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरानी सैनिकों की उंगली हर वक्त ट्रिगर पर है। जब अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है ऐसे में मध्य पूर्व में एक और जंग की आहट आनी शुरू हो गई है।

ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को दिखाई आंख

ईरान की अर्धसैनिक शक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने शनिवार को अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी फोर्स पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के करीबी माने जाने वाले न्यूज आउटलेट नूरन्यूज ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पाकपूर के हवाले से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल को "किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचना चाहिए।

गौरतलब है कि हाल ही में देशव्यापी प्रदर्शनों को कुचलने में रिवोल्यूशनरी गार्ड की अहम भूमिका रही थी। दिसंबर के अंत में शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें हजारों लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है।

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उस हिंसक दमन के बाद और गहरा गया है, जो 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान देखने को मिला। ये प्रदर्शन ईरान की मुद्रा रियाल के अचानक ढहने के बाद भड़के थे और करीब दो सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में फैले रहे। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया था कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार लोगों की सामूहिक फांसी होती है तो वे सैन्य कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएंगे। ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि ईरान ने प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए 800 लोगों की फांसी रोक दी है। वहीं ईरान के शीर्ष अभियोजक मोहम्मद मोवाहेदी ने शुक्रवार को न्यायपालिका की मीजान समाचार एजेंसी के जरिए इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।

ईरान की ओर जा रहा अमेरिकी युद्धपोत

दोनों देशों में तनाव तब और गहरा गया जब गुरुवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका एहतियातन ईरान की ओर युद्धपोत भेज रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा एक विशाल बेड़ा उस दिशा में जा रहा है, और संभव है कि हमें उसका इस्तेमाल न करना पड़े। वहीं, अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी ने, नाम न छापने की शर्त पर, बताया कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ चल रहे अन्य युद्धपोत इस समय हिंद महासागर में हैं। वहीं, बीते दिन अमेरिका ने ईरानी तेल ले जाने वाले नौ तेल टैंकरों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि इजराइल द्वारा जून में ईरान के खिलाफ शुरू किए गए 12 दिनों के युद्ध से पहले अमेरिका और ईरान के बीच उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई दौर की बातचीत हुई थी। उस युद्ध के दौरान अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी भी की थी।

एयरलाइनों ने उड़ानें की रद्द

बढ़ते तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखने लगा है। फ्रांस की प्रमुख एयरलाइन एयर फ्रांस ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के लिए अपनी कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। एयर फ्रांस ने पेरिस से दुबई की दो रिटर्न फ्लाइट्स सप्ताहांत में रद्द कीं और कहा कि वह शनिवार के बाद सेवाएं फिर शुरू करेगी। एयरलाइन ने बयान में कहा कि कंपनी मध्य पूर्व में घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है और उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भू-राजनीतिक स्थिति की रियल-टाइम निगरानी कर रही है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आगमन आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को एम्स्टर्डम से आने वाली केएलएम और ट्रांसाविया की उड़ानें, साथ ही लक्जमबर्ग से लक्सएयर की एक उड़ान भी रद्द कर दी गई। संबंधित एयरलाइनों ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

ईरान में मरने वालों की संख्या बढी, इंटरनेट बैन अभी भी जारी

हालांकि ईरान में बीते कई दिनों से कोई नया प्रदर्शन नहीं हुआ है, लेकिन कड़ी इंटरनेट पाबंदियों के बावजूद हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ईरान में अब तक का सबसे व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट दो हफ्तों से अधिक समय से जारी है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने शनिवार को दावा किया कि प्रदर्शनों और कार्रवाई में अब तक 5,137 लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। एजेंसी के अनुसार, 27,700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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