अमेरिका ने भी माना PoK को भारत का हिस्सा, USTR ने शेयर किया नक्शा; अब कहां जाएंगे शहबाज
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- Updated Feb 8, 2026, 12:14 AM IST
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी Office of the United States Trade Representative (USTR) की ओर से भारत का नक्शा भी जारी किया गया है। इसमें अमेरिका ने माना है कि पीओके पाकिस्तान नहीं बल्कि भारत का हिस्सा है। इसके बाद पाकिस्तान जो हमेशा इस मुद्दे को उछालकर झूठे दावे करता रहा है उसे तगड़ी मिर्ची लगना तय है।
भारत-अमेरिका में ट्रेड डील
पीओके को लेकर पाकिस्तान से जारी तनाव में भारत को अमेरिका का साथ मिला है। अमेरिका ने भी माना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर असल में भारत का है। दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस एग्रीमेंट की जानकारी देते हुए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी Office of the United States Trade Representative (USTR) की ओर से भारत का नक्शा भी जारी किया गया है। इसमें अमेरिका ने माना है कि पीओके पाकिस्तान नहीं बल्कि भारत का हिस्सा है। इसके बाद पाकिस्तान जो हमेशा इस मुद्दे को उछालकर झूठे दावे करता रहा है उसे तगड़ी मिर्ची लगना तय है।
पीओके ही नहीं अक्साई चिन भी भारत में
यूएसटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जो भारत का नक्शा साझा किया,उसमें जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र,जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल है को भारत के हिस्से के रूप में दर्शाया गया है। इसके साथ ही,अक्साई चिन, जिस पर चीन दावा करता रहा है, को भी भारत के भूभाग में दिखाया गया है। कूटनीतिक हलकों में इसे अमेरिका की ओर से एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब तक कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों या देशों की ओर से जारी नक्शों में पीओके और अक्साई चिन को अलग रेखाओं या विवादित क्षेत्र के रूप में दर्शाया जाता रहा है। लेकिन इस बार USTR के नक्शे में जम्मू-कश्मीर को बिना किसी विभाजन के भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया है,जो पहले के रुख से अलग माना जा रहा है।

USTR ने शेयर किया है ये नक्शा
जो अब अमेरिका ने माना वो भारत पहले से ही कहता रहा है
गौरतलब है कि भारत पहले ही बार-बार यह स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग रहा है,है और हमेशा रहेगा। इसी तरह,भारत का यह भी कहना है कि ऐतिहासिक तथ्यों और पुराने समझौतों के आधार पर अक्साई चिन भी भारत के क्षेत्र का हिस्सा है।
अमेरिकी पोस्ट से पाकिस्तान के दुष्प्रचार को करारा जवाब
अमेरिका के इस नक्शे को पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे प्रोपेगैंडा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके माध्यम से यह बताया गया कि अमेरिकी उत्पादों के लिए अब नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रास्ते खुल रहे हैं। इसमें अमेरिका से भारत को आयात किए जाने वाले खाद्य और कृषि उत्पादों का उल्लेख किया गया था, जिनमें अमेरिकी मेवे, लाल ज्वार, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सूखे अनाज (डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स) के साथ-साथ अमेरिकी शराब और स्पिरिट्स शामिल हैं। हालांकि, इन उत्पादों से ज्यादा चर्चा भारत के उस नक्शे को लेकर हो रही है,जिसे बिना किसी विवादित सीमा रेखा के दर्शाया गया।गौरतलब है कि इससे पहले चीन द्वारा जारी किए गए तथाकथित 'स्टैंडर्ड मैप'में अरुणाचल प्रदेश,अक्साई चिन,ताइवान और दक्षिण चीन सागर के विवादित इलाकों पर दावा किया गया था,जिस पर भारत सहित कई देशों ने आपत्ति जताई थी।
भारत और अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता
इसी बीच, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण के अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति की घोषणा की। संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क को हटाने का फैसला किया है। साथ ही, 25 प्रतिशत के पारस्परिक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी।
