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वैज्ञानिकों ने फिर किया कमाल, अब दक्षिण अफ्रीका में खोज निकाले दीमक के सबसे पुराने टीले

Termite Mounds: वैज्ञानिकों ने एक बार फिर से कमाल कर दिखाया है। इस बार वैज्ञानिकों ने 30,000 से अधिक वर्ष पुराने दीमक के सक्रिय टीले खोज निकाले हैं। इन टीलों की खोज दक्षिण अफ्रीका में की गई है। इससे पहले सबसे पुराने बसे हुए टीले ब्राजील में पाए गए थे और लगभग 4,000 वर्ष पुराने हैं।

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दीमक के टीले

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • दक्षिण अफ्रीका में पाए गए सबसे पुराने दीमक के टीले।
  • दीमक के ये टीले 34,000 साल पुराने है।
  • इससे पहले सबसे पुराने टीलों का खिताब ब्राजील के पास था।

Termite Mounds: वैज्ञानिकों ने फिर किया कमाल, अब दक्षिण अफ्रीका में खोज निकाले दीमक के सबसे पुराने टीले वैज्ञानिकों को यह जानकर हैरानी हुई कि देश के शुष्क क्षेत्र में मौजूद दीमक के टीले 30,000 से अधिक वर्ष पुराने हैं जिसका मतलब है कि वे दीमक के अब तक के ज्ञात सबसे पुराने सक्रिय टीले हैं। स्टेलेनबॉश विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि रेडियोकार्बन डेटिंग में नामाक्वालैंड में बफेल्स नदी के पास के कुछ टीले 34,000 वर्ष पुराने होने का अनुमान लगाया गया था।

मिशेल फ्रांसिस ने क्या कुछ कहा?

विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग में वरिष्ठ व्याख्याता मिशेल फ्रांसिस ने कहा, ‘‘हम जानते थे कि ये पुराने हैं लेकिन यह पता नहीं था कि इतने पुराने हैं।’’ उनका शोधपत्र मई में प्रकाशित हुआ। फ्रांसिस ने कहा कि ये टीले तब भी मौजूद थे जब नुकीले दांतों वाली बिल्लियां और वूली मैमथ पृथ्वी के अन्य हिस्सों में घूमते थे और यूरोप और एशिया का बड़ा हिस्सा बर्फ से ढका हुआ था।

ब्राजील में भी पाए गए थे टीले

लाखों वर्ष पुराने कुछ जीवाश्म दीमकों के टीले खोजे गए हैं। इस अध्ययन से पहले सबसे पुराने बसे हुए टीले ब्राजील में पाए गए थे और लगभग 4,000 वर्ष पुराने हैं। वे अंतरिक्ष से दिखाई देते हैं। फ्रांसिस ने दीमक टीलों का जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने और संभवत: कृषि पद्धतियों में सुधार लाने पर असर को देखते हुए उन पर और अध्ययन करने का आह्वान किया है।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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