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UAE News: केरल के मूल निवासी दो भारतीय नागरिकों को संयुक्त अरब अमीरात में हत्या के लिए 'फांसी' दी गई

विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात की सर्वोच्च अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन द्वारा सजा बरकरार रखे जाने के बाद दोनों को फांसी दी गई।

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मौत की सज़ा पाए दो भारतीय नागरिकों को फांसी दी गई (प्रतीकात्मक फोटो)

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूएई की सर्वोच्च अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन (Court of Cassation) द्वारा मौत की सजा को बरकरार रखने के बाद भारतीय नागरिकों को फांसी दी गई। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि यूएई में अलग-अलग हत्या के मामलों में दोषी ठहराए गए और मौत की सज़ा पाए दो भारतीय नागरिकों को फांसी दी गई है। उनकी पहचान केरल के मोहम्मद रिनाश अरंगीलोट्टू और मुरलीधरन पेरुमथट्टा वलप्पिल के रूप में हुई है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूएई की सर्वोच्च अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन द्वारा सज़ा को बरकरार रखने के बाद दोनों को फांसी दी गई। मोहम्मद रिनाश को एक अमीराती नागरिक की हत्या का दोषी ठहराया गया था, जबकि मुरलीधरन को एक भारतीय की हत्या के लिए सज़ा सुनाई गई थी। यूएई ने 28 फरवरी को भारतीय दूतावास को फांसी की सज़ा के बारे में सूचित किया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दूतावास ने भारतीय नागरिकों को यूएई सरकार को दया याचिका और क्षमा अनुरोध भेजने सहित हर संभव कांसुलर और कानूनी सहायता प्रदान की। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, 'संबंधित परिवारों को सूचित कर दिया गया है। दूतावास उनके संपर्क में है और अंतिम संस्कार में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।'

मुरलीधरन 2009 से जेल में है। रिनाश और उसके परिवार के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। ज़्यादातर सदस्य विदेश में बसे हुए हैं। मुरलीधरन के पिता केशवन ने घटना के समय केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी और अन्य राजनेताओं से संपर्क किया था।

उत्तर प्रदेश की एक 33 वर्षीय महिला को यूएई में फांसी दी गई थी

गौर हो कि पिछले महीने, उत्तर प्रदेश की एक 33 वर्षीय महिला को यूएई में फांसी दी गई थी। शहजादी खान को 15 फरवरी को अबू धाबी में दिसंबर 2022 में अपनी देखरेख में चार महीने के बच्चे की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में फांसी दी गई थी। नियमित टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत हो गई थी और देखभाल करने वाली के रूप में कार्यरत शहजादी पर मौत का आरोप लगाया गया था। महिला के पिता ने हाल ही में भारत सरकार से उसके अंतिम संस्कार के लिए उसे यूएई भेजने की अपील की थी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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