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Viral Video: अब ऊंटों को भी मिलेगा पासपोर्ट! जानिए क्यों बनाया जा रहा है Camel Passport

Viral Video: सऊदी अरब ने ऊंटों के लिए आधिकारिक कैमल पासपोर्ट सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अब हर ऊंट की पहचान, मालिकाना हक और सेहत का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें माइक्रोचिप नंबर, तस्वीरें और टीकाकरण की जानकारी होगी। एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर।

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सऊदी अरब का बड़ा फैसला (फोटो: X/@MEWA_KSA)

Viral Video: सऊदी अरब ने ऊंटों से जुड़ी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब वहां ऊंटों के लिए भी इंसानों की तरह आधिकारिक कैमल पासपोर्ट सिस्टम शुरू कर दिया गया है। इसकी जानकारी सऊदी अरब के उप पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री मनसूर अलमुशैती ने दी है। यह योजना सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद देश के पारंपरिक कामों को नई तकनीक से जोड़ना और उन्हें ज्यादा व्यवस्थित बनाना है। बता दें अरब देशों में ऊंट सिर्फ जानवर नहीं होते, बल्कि वहां की संस्कृति और जिंदगी का अहम हिस्सा माने जाते हैं। पुराने समय से ऊंटों का इस्तेमाल सफर, खेती और व्यापार में होता आया है। आज भी सऊदी अरब में हजारों लोग ऊंट पालन से अपना रोजगार चलाते हैं।

कई बार खरीद-बिक्री में विवाद

लेकिन अब तक ऊंटों की सही पहचान और रिकॉर्ड रखने की कोई मजबूत व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से कई बार खरीद-बिक्री में विवाद हो जाते थे और बीमारियों की सही जानकारी भी नहीं मिल पाती थी। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने कैमल पासपोर्ट सिस्टम शुरू किया है। अब हर ऊंट का पूरा रिकॉर्ड एक पासपोर्ट में दर्ज किया जाएगा। इसमें ऊंट का माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, नाम, जन्म की तारीख, नस्ल, रंग, जन्म स्थान और लिंग जैसी जानकारी होगी। इतना ही नहीं, ऊंट की दोनों तरफ से ली गई तस्वीरें भी इसमें लगाई जाएंगी, ताकि पहचान में कोई गलती न हो।

बीमारियों को फैलने से रोकने में भी मिलेगी मदद

इसके साथ ही ऊंट को लगाए गए टीकों और उसकी सेहत से जुड़ी जानकारी भी पासपोर्ट में जोड़ी जाएगी। इससे पता रहेगा कि ऊंट स्वस्थ है या नहीं और उसे कौन-कौन सी वैक्सीन लग चुकी है। इससे बीमारियों को फैलने से रोकने में भी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से ऊंटों की खरीद-बिक्री ज्यादा साफ और भरोसेमंद होगी। कुल मिलाकर सऊदी अरब का कैमल पासपोर्ट सिस्टम ऊंटों की देखभाल, व्यापार और पहचान को नई दिशा देगा। यह पहल दिखाती है कि कैसे परंपरा और तकनीक को मिलाकर देश अपने भविष्य को मजबूत बना रहा है। बता दें कि इस खबर को सोशल मीडिया के एक्स पर @MEWA_KSA नामक अकाउंट से किए गए पोस्ट के आधार पर बनाई गई है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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